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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 94396 (ALL)

RAJESH KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/31078/2025 · 2025-09-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 31078 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक राजेश कु मार की ओर से मु०अ०स० 181/2024, अन्तगर्त धारा 409 आई.पी.सी. थाना-नरही, िजला बिलया में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चन्दन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में झूठा फसाया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है, आवेदक को गलत व फजीर् तरीके से फसाया गया है। आवेदक के िवरूद्ध अपराध की घटना 26.06.2023 की कही जाती है, परन्तु प्राथिमकी 25.06.2024 में की जाती है. देर से एफ.आई.आर. करने का स्पष्टीकरण नहीं है, जबिक जानकारी नकदी रकम की िदनांक 06.12.2023 को वादी मुकदमा को जाती है। आवेदक को गलत तरीके से िवभागीय लोगों के द्वारा सािजशन फं साया गया है, जबिक कोई फामर् उसके द्वारा नहीं भरा गया है। आवेदक द्वारा कभी नहीं कहा गया िक उसकी देनदारी थी. इसिलए िनकाल िलया, बिल्क आवेदक जमानत पर छू टने पर पूरा सरकारी धन िक्लयर हो जाएगा, जबिक कु छ रूपया अपनी जमीन बेचकर जमा कर िदए है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 23.10.2024 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िकः- अिभयुक्त द्वारा उपडाकपाल सोहांव के पद पर रहते हुए िदनांक 26.06.2023 से 11.12.2023 तक अपने कायर्काल के दौरान 17,00,000/- रूपये सरकारी धन का गबन िकया गया है। िजसके संबंध Versus Counsel for Applicant(s) : Ishwar Kumar Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Rajesh Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) में पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रों के अवलोकन से िविदत होता है िक प्रथम पीिड़ता सफे दा देवी के खाता सं0-6292151415 में िदनांक 18.08.2023 को सफे दा देवी द्वारा एक लाख रूपये जमा िकया गया था। िजसकी प्रिविष्ट पासबुक पर की गयी, परन्तु उसकी प्रिविष्ट सरकारी दस्तावेज में न िकया जाना अिभकिथत है। िद्वतीय पीिडत िवश्वम्भर पाल के खाता सं0- 010008963730 से िदनांक 29.09.2023 व 18.10.2023 को दो-दो लाख रूपये गलत तरीके से िनकासी फामर् भर कर िनकाला जाना अिभकिथत है। तृतीय पीिड़त बृजेश राय के खाता सं0-6292122408 में से िदनांक 21.11.2023 को पांच लाख रूपये िनकासी फामर् भर कर िनकाला जाना अिभकिथत है। चतुथर् पीिड़त िसद्धाथर् राय के खाता सं0- 6292157086 में से िदनांक 23.11.2023 को चार लाख रूपये िनकासी फामर् भर कर िनकाल जाना अिभकिथत है। इसी प्रकार िछतेश्वर प्रसाद के खाता सं0-6292123693 में से िदनांक 28.11.2023 को तीन लाख रूपये िनकाल कर आवेदक द्वारा अपने स्वयं के खाता सं0-3041494951 में उसी िदन 28.11.2023 को जमा कर िलये जाने का उल्लेख िकया गया है। िजसका समथर्न उपरोक्त खाता धारकों/पीिडतों ने अपने धारा 161 के बयानों में िकया है एवं िववेचक द्वारा दौरान िववेचना उपरोक्त खाताधारकों के खाता से संबंिधत स्टेटमेन्ट भी के स डायरी में संलग्न िकया गया है। आवेदक द्वारा अभी तक उक्त िववािदत धनरािश िकसी भी पीिड़त को चुकायी नहीं गयी है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में इस प्रकार मामले के समस्त तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को देखते हुए आवेदक को जमानत पर छोड़ने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। 6. तदनुसार वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकये हुए आवेदक का जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 11, 2025 S.Mishra BAIL No. 31078 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad