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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 94389 (ALL)

RAMJAN ALI v. STATE OF U.P.

BAIL/31042/2025 · 2025-09-16

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 31042 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक रमजान अली की ओर से मु०अ०स० 580/2014, अन्तगर्त धारा 419/ 420/ 467/ 468/ 471 भा.दं.सं. थाना-जोिगया उदयपुर, िजला िसद्धाथर्नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जयिकशन जी को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में झूठा फसाया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है, तथाकिथत घटना की प्राथिमकी काफी िवलम्ब से दजर् करायी गयी। अिभयोजन प्राथिमकी एवं अन्य संलग्न सबूतों में काफी िवरोधाभाष है िजससे आवेदक के िवरूद्ध आरोिपत अपराध नही बनता है। प्राथिमकी व पूरे िववेचना के दौरान आवेदक द्वारा नाजायज लाभ प्राप्त करने की गरज से िकसी प्रकार का कू टरिचत दस्तावेज तैयार िकए जाने का आरोप नहीं लगाया गया है िजससे भी आरोिपत अपराध नहीं बनता है रिजस्ट्री बैनामा का आवेदक को गवाह कहा गया है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक 62 वषर् का वृद्ध वृिक्त है। उक्त मुकदमा व्यवहार प्रकृ ित का है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 01.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िकः- आवेदक पर यह आरोप है िक डी०डी०सी० न्यायालय से वादी मुकदमा के हक में प्रश्नगत नम्बरान का फै सला हुआ है, िवपक्षी रमजान अली के िपता रवीउल्लाह ने माननीय उच्च न्यायालय में िसिवल िरट 36508/1999 दािखल िकया जो िवचाराधीन है। रवीउल्लाह की मृत्यु हो गयी है। रमजान अली को इस बात का ज्ञान होने के Versus Counsel for Applicant(s) : Ram Bachan Yadav, Ram Sakal Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ramjan Ali .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) बावजूद िक प्रश्नगत भूिम के बावत माननीय उच्च न्यायालय का Stay order प्रभावी है, तथा रमजान अली ने, जो धारा-41 एल०आर० एक्ट की भी कायर्वाही िकया था, िजसकी भी कायर्वाही Stay है, इसके बावजूद भी रमजान अली सािकन करौदा मिसना ने अपनी जमीन िदखाकर रामउिदत सािकन मुिडला, थाना व िजला िसद्धाथर्नगर के हक में बैनामे के गवाह आवेदक नािजर अली के सहयोग से जाली फजीर् बैनामा िकया जाना बताया जाता है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में इस प्रकार मामले के समस्त तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को देखते हुए आवेदक को जमानत पर छोड़ने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। 6. तदनुसार वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकये हुए आवेदक का जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। September 17, 2025 S.Mishra BAIL No. 31042 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad