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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 94102 (ALL)

AMIT KUMAR @ AMIT JADAUN v. STATE OF UP AND ANOTHER

NABAIL/7445/2025 · 2025-09-24

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 7445 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 175/2011, अन्तगर्त धारा 363, 366, 376 भा.दं.सं., थाना िसकं दरा, िजला आगरा में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जय िकशन चौरिसया को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। आवेदक द्वारा प्राथिमकी में दिशत उपरोक्त धाराओं का अपराध कािरत नहीं िकया गया है। िववेचक द्वारा िववेचना समाप्त कर अिन्तम आख्या प्रस्तुत कर दी गयी, िकन्तु वादी द्वारा आपित्त यािचका दािखल करने के पश्चात न्यायालय द्वारा अग्रेतर िववेचना हेतु आदेिशत िकया गया, परन्तु दोबारा अंितम आख्या प्रेिषत की गयी। तत्पश्चात वादी द्वारा दािखल प्रोटेस्ट िपटीशन पर आवेदक को उपरोक्त धाराओं में तलब िकया गया। वादी की पुत्री/ पीिड़ता द्वारा एक अन्य व्यिक्त से िववाह कर िलया गया था, िकन्तु रंिजश की वजह से आवेदक को प्रश्नगत वाद में अिभयुक्त बना िदया गया है। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा आवेदक द्वारा वादी की नाबािलग पुत्री/पीिड़ता को कोल्ड-िड्रक Versus Counsel for Applicant(s) : Dr. Akhilesh Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Amit Kumar @ Amit Jadaun .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) में नशीला पदाथर् िपलाकर सादाबाद ले गया एवं उसके साथ जबरन शारीिरक संबंध बनाया। पीिड़ता ने अपने बयान अंतगर्त धारा 164 दं०प्र०सं० में भी आवेदक के िवरुद्ध ही स्पष्ट कथन िकया गया है। आवेदक को संबंिधत न्यायालय द्वारा िवचारण हेतु आहूत िकया गया, िजसके िवरुद्ध आवेदक द्वारा अंतगर्त धारा 482 दं०प्र०सं० प्राथर्नापत्र सं० 19658/2016 दािखल िकया गया, िजसको भी िनरस्त कर िदया गया। िकन्तु आज तक आवेदक न्यायालय के समक्ष उपिस्थत नहीं हुआ है, िजससे यह स्पष्ट है िक यिद आवेदक को अिग्रम जमानत प्रदान की गयी, तो वह आगे भी िवचारण में सहयोग प्रदान नहीं करेगा। इसिलए आवेदक को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। अतः अिभयुक्त का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए चूंिक आवेदक को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई उिचत आधार पिरलिक्षत नहीं हो रहा है, अतः मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, तद्नुसार आवेदक का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष पर िटप्पणी िकये बगैर यह अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। 8. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए। 9. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 25, 2025 Pawan Kumar NABAIL No. 7445 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad