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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 93023 (ALL)

MOHD. YASEEN v. STATE OF U.P.

BAIL/30812/2025 · 2025-09-09

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30812 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 188/2025, अन्तगर्त धारा 109(1), 352, 316(2) बी.एन.एस., थाना नजीबाबाद, िजला िबजनौर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. संक्षेप में अिभयोजन कथानक इस प्रकार है िक वािदनी के पित ने अंकन रु० 5,00,000/- (पांच लाख रुपए) अपने िरश्तेदार यासीन (आवेदक) को दे रखा था। उक्त रुपए वापस माँगने पर वह देने से मना करता था तथा जान से मारने की धमकी देता था। बकरा ईद के त्योहार पर माँगने पर भी उसने पैसा देने से मना कर िदया तथा आग-बबूला होते हुए कहा िक सामने िमलेगा तब बताऊं गा िक पैसे कै से माँगते हैं। िदनांक 05.06.2025 को शाम करीब 06.30 बजे वािदनी का पित मोहल्ले में नाई की दुकान के आगे अपने दोस्तों के साथ बैठा था, तभी यासीन (आवेदक) आया और उसने वािदनी के पित को गन्दी-गन्दी गािलयाँ देते हुए जान से मारने की नीयत से अपने जेब से छु री िनकालकर वािदनी के पित के पेट में मार िदया, िजससे खून बहने लगा एवं उसकी आंतें बाहर आ गयीं। वािदनी का पित घायल होकर िगर गया, तो यासीन (आवेदक) वहाँ से भाग गया। तत्पश्चात इलाज हेतु उसे हॉिस्पटल ले जाया गया। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में दिशत िकया गया है। प्राथिमकी िवलम्ब से दजर् करायी गयी है तथा उक्त िवलम्ब का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। वािदनी के पित से उधार लेने वाली बात गलत है, क्योंिक उक्त रुपए उधार लेन-देन का कोई Versus Counsel for Applicant(s) : Mohd. Aslam Khan, Mohd. Mateen Khan Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Mohd. Yaseen .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) स्वतंत्र साक्षी नहीं है तथा ऐसा कोई भी साक्ष्य वािदनी के पास नहीं है। उक्त घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। चुटैल के शरीर पर आयी आंतिरक एवं बाह्य चोटें साधारण प्रकृ ित की हैं। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 11.06.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक उधार िदये रू० वापस माँगने पर अिभयुक्त द्वारा चुटैल पर जान से मारने की नीयत से हमला िकया, िजससे उसके पेट पर गहरी चोटें आयीं। चुटैल की िचिकत्सीय आख्या में विणत चोटों (i). Multiple incised wound on left abdomen & left post chest wall (ii). Multiple incised wound on peritoneum incised with bowel exposed size 10*5 cm. पायी गयी, िजसके मुतािबक उसकी चोटें गम्भीर थीं एवं धारदार हिथयार (घटना में प्रयुक्त छू री) से कािरत की गयी तथा जान के िलए अत्यंत हािनकारक थीं। डॉ. ने भी अपने बयान में चोटों की प्रकृ ित गम्भीर होने का तथा जान के िलए खतरनाक होने का वणर्न िकया है। चुटैल ने भी अपने बयान में अिभयोजन कथानक का समथर्न िकया है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध गम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाए। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवेदक को जमानत पर मुक्त िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है तथा यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है। 7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष को प्रभािवत िकये बगैर यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। September 10, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30812 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad