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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30744 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता श्री सुकरमपाल िसह तोमर की तरफ से आज वकालतनामा दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर रखा जाय।
3. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण सोिमत एवं अंिकत की ओर से मु०अ०सं० 115/2025, अंतगर्त धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 351(3), 352, 333, 131, 117(2), 118(1), 109(1), 3(5) बी.एन.एस., थाना इंचौली, िजला मेरठ में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
4. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उन्होंने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदकगण द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में दिशत िकया गया है। वतर्मान किथत घटना को कािरत करने में आवेदकगण की कोई िविशष्ट भूिमका दिशत नहीं की गयी है, वरन् सभी अिभयुक्तों की समान भूिमका दिशत की गयी है। उक्त वाद में समान भूिमका वाले सह-अिभयुक्तगण सुिमत, अश्वनी एवं दीपांशु की जमानत, जमानत प्राथर्नापत्र सं० 17040/2025 में, इसी न्यायपीठ द्वारा िभन्न ितिथ को स्वीकृ त की जा चुकी है। अतः जमानत प्राप्त सह-अिभयुक्तगण से समान भूिमका के आधार पर आवेदकगण भी जमानत प्राप्त करने का अिधकारी है। आवेदकगण का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदकगण की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार हैं और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार हैं जो न्यायालय उन पर अिधरोिपत करेंगी। आवेदकगण िनदोर्ष हैं तथा वह इस प्रकरण में िद० 26.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध हैं। इसिलए आवेदकगण को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदकगण के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण द्वारा कािरत अपराध Versus Counsel for Applicant(s) : Amar Jeet Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Somit And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदकगण को जमानत पर न छोड़ा जाय।
6.
उभयपक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो-दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। ii. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं। iii. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे, वे परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होंगे तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे। iv. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे। v. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 9, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30744 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad