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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30566 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 969/2024, अन्तगर्त धारा 109, 333 बी.एन.एस., थाना झंगहा, िजला गोरखपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
3. अिभयोजन कथानक इस प्रकार है िक वािदनी की भाभी (पीिड़ता/चुटैल) अपने बच्चों के साथ िदनांक 09/10.11.2024 की राित्र में घर पर सोई थी, तभी समय करीब 12:50 बजे कोई अज्ञात व्यिक्त जान मारने की नीयत से घर में ही रखे डण्डे से उसकी भाभी के िसर में मार िदया िजससे उन्हें गम्भीर चोटें आयी। घायल अवस्था में शािन्त िसह को उपचार हेतु एम्बुलेन्स से भेजा गया।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में विणत िकया गया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत नहीं है, दौरान िववेचना आवेदक का नाम प्रकाश में आया है। आवेदक द्वारा िकसी प्रकार की लूट अथवा डकै ती पीिड़ता के घर में िकसी प्रकार की चोरी नहीं की गयी है, न ही कोई संिदग्ध वस्तु आवेदक के के पास से बरामद हुई है। आवेदक द्वारा पीिड़ता/चुटैल के िसर पर चोट नहीं पहुंचायी गयी है। आवेदक द्वारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 18 में स्पष्ट िकया गया है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 17.11.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक किथत घटना की ितिथ को आवेदक (प्राथिमकी में अज्ञात) द्वारा जान से मारने की नीयत से डण्डे से प्रहार कर पीिड़ता/चुटैल के िसर पर गम्भीर चोटें पहुँचायी गयी। दौरान िववेचना सी०सी०टी०वी० फु टेज को देखकर चुटैल के द्वारा आवेदक की िशनाख्त हमलावर के रूप में की गयी। चुटैल की िचिकत्सीय परीक्षण आख्या के अनुसार चुटैल की शरीर के संवेदनशील एवं ममर्स्पशीर् अंग (िसर) में गम्भीर चोटें कािरत की गयी हैं, जो पीिड़ता/चुटैल की Versus Counsel for Applicant(s) : Piyush Kumar, Vishal Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ajay Nishad .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
जान के िलए खतरनाक हैं। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाए।
6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवेदक को जमानत पर मुक्त िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है तथा यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है।
7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष को प्रभािवत िकये बगैर यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। September 8, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30566 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad