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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 92409 (ALL)
SUNIL KUMAR v. State of U.P.
BAIL/33042/2024 · 2025-05-05
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 92409 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:73328 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 33042 of 2024 Applicant :- Sunil Kumar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Saurabh Chaturvedi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Kumar Parikshit Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक ससुननील कसु ममार ककी ओर सवे मसु०अ०स० 141/2023 अन्रररर धमारमा 302/ 201/ 34 भमा०ददं०वव० रमानमा वबिल्सनी, जजलमा बिदमादंयय मम जममानर पर मसुक्त करनवे हवेरसु प्रस्रसुर वकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा, पररवमादनी कवे ववदमान अजधवक्तमा एवदं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको ससुनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन वकयमा।
3. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे पयरकशपर पत दमाजखिल वकयमा , उसवे पतमावलनी पर रखिमा जमाए।
4. यह आववेदक कमा वदरनीय जममानर आववेदन पत हहै प्ररम जममानर आववेदन पत इसनी न्यमायपनीठ दमारमा वदनमादंक 24.01.2024 कको वनरस्र कर वदयमा रयमा रमा।
5. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रसुर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवदं फजर्जी ढदंर सवे झयठमा फदं समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै, उनकमा यह भनी कहनमा हहै वक ररमाकजरर घटनमा कमा ककोई भनी स्वरदंत समाकनी व चकसुदशर्जी समाकनी नहहीं हहै। न हनी आववेदक कवे ववरूद्ध ककोई भनी प्रत्यक यमा परकोक समाक्ष्य पतमावलनी मम उपलब्ध हहै। वचवकत्सनीय ररपकोटर और समाक्ष्ययों कवे बियमान मम परस्पर ववरकोधमाष हहै। समाक्ष्ययों कवे बियमान घटनमा सवे 50 वदन दवेरनी सवे ररकमाण्डिर वकयवे रयवे। आववेदक सवे वकसनी प्रकमार ककी ककोई ररकवरनी नहहीं हहै। रस्सनी ककी ररकवरनी सह अवभयसुक्त सदंजय सवे दशमारयनी रयनी हहै , जजसककी जममानर सदं. 23580 / 2024 वदनमादंक 02.08.2024 कको इसनी ममानननीय न्यमायमालय ककी अन्य न्यमायपनीठ दमारमा जममानर स्वनीकमार ककी रयनी रनी। आववेदक कमा ककोई पयवर आपरमाजधक इवरहमास नहहीं हहै। उन्हयोंनवे न्यमायमालय कको यह अवरर करमायमा वक उक्त मसुकदमम मम अभनी रक चमाजर फवे म नहहीं हहआ हहै। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 28.03.2023 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
6. पररवमादनी कवे ववदमान अजधवक्तमा एवदं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबिल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रसुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदंजवेय एवदं रदंम्भनीर प्रकक वर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
7.
आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोदं कवे पररप्रवेक्ष्य प्रश्नरर प्रकरर मम पतमावलनी पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवदं पररणस्रवरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बिमाद, सबियरयों ककी प्रकक वर और वकसनी भनी ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रनी ककी अनसुपणस्रवर एवदं उपलब्ध समामग्रनी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरनी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मसुक्त करनवे कमा उपयसुक्त आधमार हहै।
8. अरतः वमाद कवे रसुर दकोष पर वबिनमा ककोई वटप्परनी वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम सदंबिदंजधर न्यमायमालय ककी सन्रसुवष्टि पर व्यवक्तरर बिदंध -पत एवदं उसनी धनरमावश कवे दको प्रवरभय प्रस्रसुर करनवे पर वनम्नजलजखिर शरर्दोदं कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय।
1. आववेदक ववववेचनमा यमा परनीकर कवे ददौरमान अवभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अवभयकोजन समावकययों व पनीवड़रमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा , वह परनीकर कवे ददौरमान वबिनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए वनयर वरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परनीकर मम ईममानदमारनी सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बिमाद जममानर ककी स्वरदंतरमा कमा दसुरूपयकोर नहनी करवेरमा और वकसनी भनी अपरमाजधक रवरववजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररवचर वकसनी भनी व्यवक्त यमा पसुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हनी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़ उपरकोक्त शरर्दोदं मम सवे वकसनी कवे उलदंघन कवे ममामलवे मम , परनीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानसुसमार रद्द करनवे कको स्वरदंत हहै। Order Date :- 6.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad