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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 92399 (ALL)

TAHIR HUSAIN v. State of U.P.

NABAIL/8804/2024 · 2025-07-02

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:103810 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 8804 of 2024 Applicant :- Tahir Husain Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Mahendra Ram Maurya Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित, आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा। 2. वतरमद्वान अकग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मपु०अ०सवं० 405/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 333/ 352/ 115(2)/ 351(3)/ 110/ 324(2) भद्वा.न्यद्वाय.सवं., स्थिद्वानद्वा चद्वावंदपपुर, धजलद्वा कबिजननौर मम अकग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंर करतवे हहए इस पद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि पसतपुत ककयद्वा रयद्वा हहै कक कररफ्तद्वारची ककी ससस्थिकत मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा ककयद्वा जद्वाए। 3. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर कदयद्वा रयद्वा हहै कक आववेदक कनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै कक उसवे उपयपुरक मद्वामलवे मम कररफ्तद्वार ककयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबिकक उसकवे कवरुद ककोई कवश्वसनचीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक कको उक पकरण मम पद्वारर्टीबिवंदची कवे कद्वारण झसूवंठद्वा अकभयपुक बिनद्वा कदयद्वा रयद्वा। आववेदक कवे कवरुद अबि तक ककोई बिलपसूवरक पकक्रियद्वा जद्वारची नहहीं ककी रई हहै। यह भची पसतपुत ककयद्वा रयद्वा कक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परचीक्षिण कवे दनौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतद्वा हहै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसची /पपुधलस/न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेकक्षित हकोनवे पर उपससस्थित हकोरद्वा। यह कहद्वा रयद्वा हहै कक यकद आववेदक कको अकग्रिम जमद्वानत दची जद्वातची हहै , तको वह जमद्वानत ककी सवतवंततद्वा कद्वा दपुरुपयकोर नहहीं करवेरद्वा और जद्वावंच मम सहयकोर करवेरद्वा और जमद्वानत ककी सभची शतर्दोवं कद्वा पद्वालन करवेरद्वा। 4. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अकग्रिम जमद्वानत कद्वा कवरकोधि ककयद्वा ककयद्वा तस्थिद्वा आरवे यह तकर पसतपुत ककयद्वा रयद्वा कक आववेदक कद्वा अकग्रिम जमद्वानत पद्वास्थिरनद्वा पत कनरसत ककयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 5. यह पद्वासवंकरक तथ्य यह भची हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे मद्वामलवे मम मद्वाननचीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह अवधिद्वाररत ककयद्वा रयद्वा हहै कक अकग्रिम जमद्वानत यद्वाकचकद्वा पर न्यद्वाय -कनणरयन करतवे समय न्यद्वायद्वालय कको आरकोपपों ककी पकक कत और रवंभचीरतद्वा, आरकोपची ककी न्यद्वाकयक पकक्रियद्वा सवे भद्वारनवे ककी सवंभद्वावनद्वा पर कवचद्वार करनद्वा चद्वाकहए और यह कक न्यद्वायद्वालय कको आरकोपची कवे कवरूद उपलब्धि सभची सद्वामग्रिची कद्वा सद्वावधिद्वानची सवे मसूल्यद्वावंकन करनद्वा चद्वाकहए और आरकोपची ककी वद्वासतकवक भसूकमकद्वा पर भची कवचद्वार करनद्वा चद्वाकहए। 6. उभय पक्षिपों कवे कवदद्वान अधधिवकद्वारण कको सपुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम ककए रए कस्थिनपों पर कवचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत, यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै कक आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अकग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयपुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार नहहीं पसतपुत ककयद्वा रयद्वा हहै। 7. तदनपुसद्वार, आववेदक ओमपकद्वाश कद्वा यह अकग्रिम जमद्वानत आववेदन पत असवचीकद्वार ककयद्वा जद्वातद्वा हहै। 8. इस वद्वाद मम यकद ककोई अवंतररम आदवेश हको तको, उसवे कनरसत समझद्वा जद्वाय। 9. हद्वालद्वावंकक, आववेदक कवे धलए सवंबिवंधधित कवचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्षि कनयकमत जमद्वानत आववेदन पत पसतपुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै , यकद जमद्वानत कवे धलए ऐसद्वा ककोई आववेदन सवंबिवंधधित कवचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्षि पवेश ककयद्वा जद्वातद्वा हहै , तको यह उम्मचीद ककी जद्वातची हहै कक सवंबिवंधधित न्यद्वायद्वालय, न्यद्वायद्वालय कवे कवववेक और जमद्वानत दवेनवे मम कवचद्वार कको कनयवंकतत करनवे वद्वालवे वहैधिद्वाकनक पद्वावधिद्वानपों कको बिद्वाधधित ककयवे कबिनद्वा , मद्वा० उच्चतम न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) मम पकतपद्वाकदत यद्वा कनधिद्वारररत जमद्वानत दवेनवे कवे धलए आवश्यक कदशद्वा -कनदरशपों कको ध्यद्वान मम रखतवे हहए उस पर कवचद्वार करवेरची और फहै सलद्वा करवेरची। 10. उपयपुरक करप्पकणयपों/कनदरशपों कवे सद्वास्थि, यह वतरमद्वान आववेदन पत कद्वा कनसतद्वाररत ककयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 3.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad