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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30843 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता श्री िसद्धाथर् शुक्ला एवं सोिमत शुक्ला की तरफ से आज वकालतनामा दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर रखा जाय।
3. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण सतीश उफर् रोिहत एवं नरेश उफर् नरेंद्र की ओर से मु०अ०सं० 319/2025, अंतगर्त धारा 131, 109, 191(2), 191(3), 115(2), 333, 352, 351(2) बी.एन.एस., थाना छाता, िजला मथुरा में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 4.(क) आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उन्होंने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। वतर्मान किथत घटना को कािरत करने में आवेदकगण सिहत अन्य अिभयुक्तों को सामान्य और सवर्व्यापी भूिमका सौंपी गई है तथा िकसी भी व्यिक्त/अिभयुक्त कोई िविशष्ट भूिमका नहीं सौंपी गई है। प्राथिमकी के मुतािबक सूचनाकतार् के भाई के िसर पर चोट लगी थी और तत्पश्चात, किथत घायल गुलाब िसह का िदनांक 21.6.2025 को प्रातः लगभग 11.25 बजे सामुदाियक स्वास्थ्य के न्द्र, छाता, मथुरा में िचिकत्सकीय परीक्षण िकया गया और उसकी चोट िरपोटर् के अनुसार, घायल गुलाब िसह के शरीर पर 6 चोटें आईं और िचिकत्सक की राय के अनुसार, चोट संख्या 2, 3, 4 और 5 साधारण प्रकृ ित की हैं और चोट संख्या 1 और 6 को िनगरानी में रखा गया था और सभी चोटें िकसी कठोर और कुं द वस्तु से लगी थीं। सूचनाकतार् रामजीत िसह की िदनांक 21.6.2025 को िचिकत्सकीय जांच की गई और उनकी चोट िरपोटर् के अनुसार, उनके शरीर पर 4 चोटें अथार्त् खरोंचें आईं और डॉक्टर की राय के अनुसार उपरोक्त चोटें िकसी कठोर और कुं द वस्तु से लगी थीं। सूचनाकतार् का बयान अंतगर्त धारा 180 बी.एन.एस.एस. अंिकत िकया गया, िजसमें उसके द्वारा प्राथिमकी में िदये गये बयान को हूबहू दोहराया है। चुटैल गुलाब िसह का बयान भी बी.एन.एस.एस.
की धारा 180 के तहत दजर् िकया गया, िजसके बयान के अनुसार, सभी अिभयुक्तों के िखलाफ सामान्य आरोप लगाए गए हैं तथा िकसी भी अिभयुक्त की कोई िविशष्ट भूिमका विणत नहीं की है। Versus Counsel for Applicant(s) : A.K. Mishra, Sati Shanker Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Satish Alias Rohit And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
(ख) यहाँ यह बताना बहुत प्रासंिगक है िक मेिडकल िरपोटर् के अनुसार, गुलाब िसह की चोट संख्या 1, यानी पािश्वका क्षेत्र के दाईं ओर (दािहने कान से 2 सेमी ऊपर) लगभग 7 x 4 सेमी की खरोंच और हल्की सूजन, घातक प्रकृ ित की है, लेिकन न तो प्राथिमकी में और न ही बी.एन. एस.एस.
एस.एस. की धारा 180 के तहत अंिकत िकये गये बयान में सूचनाकतार् और घायल गुलाब िसह ने यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया है िक उक्त घातक चोट यानी चोट संख्या 1 िकस अिभयुक्त के द्वारा कािरत की गयी है और सभी अिभयुक्तों के िखलाफ के वल सामान्य और सवर्व्यापी आरोप लगाए गए हैं। वास्तिवक तथ्य यह है िक सूचनाकतार् और अन्य व्यिक्त लाठी और फरसा से लैस होकर भगवान िसह के घर आए और उन्हें चोटें पहुंचाईं और बाद में ईंट-पत्थर चलाने लगे, िजसमें घायल गुलाब िसह को उपरोक्त ईंटों से चोटें आईं और अपना मामला बनाने के िलए, आवेदकों और अन्य अिभयुक्तों को गलत तथ्यों पर झूठा फं साते हुए तत्काल प्राथिमकी दजर् की गई। वतर्मान वाद क्रॉस के स का मामला है और दोनों पक्षों ने एक ही घटना के संबंध में एक- दूसरे के िखलाफ प्राथिमकी दजर् कराई है। घायल व्यिक्तयों को लगी किथत चोटें प्राथिमकी में उिल्लिखत हिथयार यानी फरसा यानी तेज धार वाले हिथयार से नहीं हैं। आवेदकगण के पास से वतर्मान किथत घटना से संबंिधत िकसी भी संिदग्ध वस्तु की बरामदगी दिशत नहीं की गयी है। आवेदकगण का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदकगण की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार हैं और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार हैं जो न्यायालय उन पर अिधरोिपत करेंगी। आवेदकगण िनदोर्ष हैं तथा वह इस प्रकरण में िद० 21.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध हैं। इसिलए आवेदकगण को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदकगण के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदकगण को जमानत पर न छोड़ा जाय।
6. उभयपक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7.
अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो-दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। ii. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं। iii. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे, वे परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होंगे तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे। iv. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे। v. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके BAIL No. 30843 of 2025 2
कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 10, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30843 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad