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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 92035 (ALL)

SACHIN KUMAR @ SACHIN GAUTAM v. STATE OF U.P.

BAIL/30460/2025 · 2025-09-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30460 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक सिचन कु मार उफर् सिचन गौतम की ओर से मु०अ०स० 859/2025, अन्तगर्त धारा 2/3(1) उ.प्र. िगरोहबन्द समाज िवरोधी िक्रयाकलाप (िनवारण ) अिधिनयम 1986 थाना इंिदरापुरम, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक द्वारा पूरकशपथ पत्र दािखल िकया गया, उसे पत्रावली पर रखा गया। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है। आवदेक िकसी भी िगरोह का सदस्य नहीं है और न ही उसके द्वारा िकसी प्रकार का संगिठत िगरोह बनाकर आिथक व भौितक लाभ अिजत नहीं िकया गया है। पुिलस द्वारा सुिनयोिजत तरीके से दुभार्वना के तहत आवेदक को िगरोह का सदस्य नािमत कर िदया गया, जबिक आवेदक द्वारा िकसी प्रकार समाज िवरोधी िक्रया कलाप गितिविध िलप्त नहीं है। आवेदक के आपरािधक इितहास वणर्न गैंग चाटर् व आवेदन पत्र के प्रस्तर-7 में िकया गया है, िजसमें अिधकांश वाद में आवेदक जमानत पर मुक्त िकया जा चुका है। उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 25.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Alok Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sachin Kumar @ Sachin Gautam .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 6. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 4, 2025 S.Mishra BAIL No. 30460 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad