Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30263 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदकगण आशुतोष ित्रपाठी एवं नरायण ित्रपाठी की ओर से मु०अ०स० 213/2025, अन्तगर्त धारा 308(5)/ 333/ 109/ 115(2)/ 352/ 351(3)/ 324(4) बी.एन.एस, थाना कोतवाली, िजला बस्ती में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता सौिमत्र िद्ववेदी एवं िप्रन्स कु मार श्रीवास्तव द्वारा अपना वकालतनामा दािखल िकया गया, उसे पत्रावली पर रखा जाए।
3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
4. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदकगण प्रथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयुक्त नहीं है, और न ही अज्ञात व्यिक्तयों के संबंध मे उनका कोई हुिलया, कद काठी अथवा पहचान िकये जाने संबंिधत िववरण ही िदया गया है। प्रथम सूचना िरपोटर् मे अत्यन्त िवलंब है। प्राथर्गण के पास तथाकिथत घटना कािरत करने का कोई हेतुक नहीं है। आवेदकगण को तथाकिथत घटना मे, िकसी िविशष्ट भूिमका का करना नहीं कहा जाता है। वादी मुकदमा को तथाकिथत घटना में िकसी प्रकार की कोई गंभीर चोट आना नहीं कहा गया है। तथाकिथत घटना का कोई प्रत्यक्षदशीर् साक्षी नहीं है। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदकगण िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० Versus Counsel for Applicant(s) : Manu Khare, Satya Prakash Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ashutosh Tripathi And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
07.08.2025 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदकगण को जमानत पर न छोड़ा जाये।
6.
आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
1. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं।
2. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे।
3. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे।
4. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 11, 2025 S.Mishra BAIL No. 30263 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad