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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 91342 (ALL)

VISHAL VERMA ALIAS VIMAL VERMA AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/8893/2024 · 2025-07-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:106716 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 8893 of 2024 Applicant :- Vishal Verma Alias Vimal Verma And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Shashi Bhushan Rai Counsel for Opposite Party :- G.A.,Prince Srivastava Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मसु०अ०सवं० 519/2024, अवंतगरत धिद्वारद्वा 498 ए,323, 504, 506, 313, 307 भद्वा.दवं.सवं. एववं 3/4 दहवेज प्रवतषवेधि अधधिवनयम, स्थिद्वानद्वा मझकोलद्वा, धजलद्वा मसुरद्वादद्वाबद्वाद मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंग करतवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै वक वगरफ्तद्वारली ककी ससस्थिवत मम आववेदकगण कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए। 3. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा गयद्वा हहै वक आववेदकगण वनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै वक उसवे उपयसुरक मद्वामलवे मम वगरफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबवक उसकवे ववरुद्ध ककोई ववश्वसनलीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदकगण कको उक प्रकरण मम पद्वारर्टीबवंदली कवे कद्वारण झझवंठद्वा अवभयसुक बनद्वा वदए गए। आववेदकगण कवे ववरुद्ध अब तक ककोई बलपझवरक प्रवक्रियद्वा जद्वारली नहहीं ककी गई हहै। यह भली प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदकगण जद्वावंच तस्थिद्वा परलीक्षण कवे ददौरद्वान सहयकोग करनवे कद्वा वचन दवेतम हह तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसली /पसुधलस/न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षत हकोनवे पर उपससस्थित हहोंगवे। यह कहद्वा गयद्वा हहै वक यवद आववेदकगण कको अवग्रिम जमद्वानत दली जद्वातली हहै, तको वह जमद्वानत ककी सवतवंततद्वा कद्वा दसुरुपयकोग नहहीं करमगवे और जद्वावंच मम सहयकोग करमगवे और जमद्वानत ककी सभली शतर्दोवं कद्वा पद्वालन करमगवे। 4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदकगण कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरकोधि वकयद्वा तस्थिद्वा आगवे यह तकर प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदकगण कद्वा अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 5. यह प्रद्वासवंवगक तथ्य यह भली हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे मद्वामलवे मम मद्वाननलीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह अवधिद्वाररत वकयद्वा गयद्वा हहै वक अवग्रिम जमद्वानत यद्वावचकद्वा पर न्यद्वाय -वनणरयन करतवे समय न्यद्वायद्वालय कको आरकोपहों ककी प्रकक वत और गवंभलीरतद्वा, आरकोपली ककी न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा सवे भद्वागनवे ककी सवंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए और यह वक न्यद्वायद्वालय कको आरकोपली कवे ववरूद्ध उपलब्धि सभली सद्वामग्रिली कद्वा सद्वावधिद्वानली सवे मझल्यद्वावंकन करनद्वा चद्वावहए और आरकोपली ककी वद्वासतववक भझवमकद्वा पर भली ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए। 6. उभय पक्षहों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वागण कको ससुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम वकए गए कस्थिनहों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत , यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै वक आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार नहहीं प्रसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै। 7. तदनसुसद्वार, आववेदकगण ववशद्वाल वमद्वार एववं ससुगवंधिद्वा कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत असवलीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 8. इस वद्वाद मम यवद ककोई अवंतररम आदवेश हको तको, उसवे वनरसत समझद्वा जद्वाय। 9. हद्वालद्वावंवक, आववेदकगण कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत प्रसतसुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै , यवद जमद्वानत कवे धलए ऐसद्वा ककोई आववेदन सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष पवेश वकयद्वा जद्वातद्वा हहै , तको यह उम्मलीद ककी जद्वातली हहै वक सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय, न्यद्वायद्वालय कवे ववववेक और जमद्वानत दवेनवे मम ववचद्वार कको वनयवंवतत करनवे वद्वालवे वहैधिद्वावनक प्रद्वावधिद्वानहों कको बद्वाधधित वकयवे वबनद्वा , मद्वा० उच्चतम न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) मम प्रवतपद्वावदत यद्वा वनधिद्वारररत जमद्वानत दवेनवे कवे धलए आवश्यक वदशद्वा -वनदरशहों कको ध्यद्वान मम रखतवे हहए उस पर ववचद्वार करवेगली और फहै सलद्वा करवेगली। 10. उपयसुरक वरप्पवणयहों/वनदरशहों कवे सद्वास्थि, यह वतरमद्वान आववेदन पत कद्वा वनसतद्वाररत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 7.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad