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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 32529 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक नरेन्द्र उफर् िनरेन्द्र की ओर से मु०अ०स० 347/2023 अन्तगर्त धारा 302/ 394/ 411 भा०दं०िव० थाना कोसीकलां, िजला मथुरा में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. यह आवेदक का िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है प्रथम जमानत आवेदन पत्र इसी न्यायपीठ द्वारा िदनांक 20.02.2025 को िनरस्त कर िदया गया था।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा पूरकशपथ पत्र दािखल िकया, उसे पत्रावली पर रखा जाए।
5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है, मामले के अिभयोजन साक्षी सं. 06 श्री माम्मूर पुत्र श्री चन्द ने अपने बयान में कथन िकया िक िदनांक 22.05.2023 को मेरा स्वास्थ्य खराब था और मुझे बुखार आ रहा था िजस कारण मैं कहीं काम पर नहीं गया था और अपने घर पर दवाई लेकर आराम कर रहा था, िदनांक 23.05.2023 को बाबा की हत्या के बारे में गांव के लोगों से सुना था मैने िदनांक 22.05.2023 को नरेन्द्र उफर् िनरेन्द्र, रामहिर उफर् परोल , अवतार, कै लाश उफर् भािटण्डा को नहीं देखा था । इस प्रकार मामले का उक्त साक्षी पक्षद्रोही हो गया। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 26.05.2023 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6. Versus Counsel for Applicant(s) : Jai Raj, Mrityunjay Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Narendra @ Nirendra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
7. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य प्रश्नगत प्रकरण में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
8.
अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय।
1. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
2. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
3. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
4. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
5. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़ उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 15, 2025 S.Mishra BAIL No. 32529 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad