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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30041 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण Maisar Ali & Ajeem Miya की ओर से मु०अ०सं० 323/2025, अंतगर्त धारा 109, 115(2), 118(1), 352, 351(3), 333, 324(4), 3(5), 117(2), 118(2) बी.एन.एस., थाना भोजीपुरा, िजला बरेली में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक की िवद्वान अिधवक्ता अंितमा राजभर, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदकगण की िवद्वान अिधवक्ता की तरफ से आज पूरक शपथपत्र दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर रखा जाय।
4.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में विणत िकया गया है। प्रश्नगत प्राथिमकी में सूचनाकतार् द्वारा 22 लोगों को नािमत िकया गया है एवं िकसी भी नािमत अिभयुक्त की कोई िविशष्ट भूिमका विणत नहीं की गयी है। वतर्मान घटना छोटे बच्चों के झगड़े की वजह से दोनों पक्षों में हुई है, िजसमें उभयपक्ष की तरफ से प्राथिमिकयाँ पंजीकृ त करायी गयी हैं, िजससे वतर्मान वाद क्रॉस के स के रूप में स्पष्ट है। वतर्मान घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। प्रश्नगत घटना में उभयपक्ष को चोटें प्राप्त हुई हैं। दौरान िववेचना आवेदक द्वारा स्वयं िदनांक 19.05.2025 को न्यायालय के समक्ष आत्मसमपर्ण िकया। सूचनाकतार् के बयान और घायलों के बयान के अनुसार, आवेदक अथवा िकसी अन्य सह-अिभयुक्त के िवरुद्ध सामान्य आरोप हैं तथा आवेदक को भी कोई िविशष्ट भूिमका नहीं सौंपी गई है। सूचनाकतार् और घायलों का आवेदक से कोई वास्ता-सरोकार नहीं है। चुटैलों की िचिकत्सीय आख्या के अनुसार, सभी चोटें शरीर के गैर-महत्वपूणर् भाग पर हैं और जीवन के िलए खतरनाक नहीं हैं। आवेदक का Versus Counsel for Applicant(s) : Ramajan Ahmad Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Sudhir Kumar Tiwari Maisar Ali And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 19.05.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5.
आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदकगण को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदकगण को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो-दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदकगण िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। ii. आवेदकगण अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेंगे/धमकायेंगे नहीं। iii. आवेदकगण न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे, वे परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होंगे तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेंगे। iv. आवेदकगण जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेंगे और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होंगे न कोई अपरािधक कृ त्य करेंगे। v. आवेदकगण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे न ही उनसे कोई वायदा करेंगे, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदकगण की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 16, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30041 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad