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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 90532 (ALL)

VINEET ALIAS VINEET SINGH v. STATE OF U.P.

BAIL/30400/2025 · 2025-09-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30400 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 526/2025, अंतगर्त धारा 191(2), 115(2), 109(1), 127(2), 351(3), 140(1), 308(5) बी.एन.एस ., थाना कोतवाली नगर, िजला बुलंदशहर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसाक प्राथिमकी में दिशत िकया गया है। प्राथिमकी िवलम्ब से दजर् करायी गयी है तथा उसका समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक द्वारा चुटैल के साथ िकसी प्रकार की मारपीट नहीं की गयी है, न ही िकसी प्रकार की िफरौती की माँग की गयी है। आवेदक द्वारा चुटैल के साथ िकसी प्रकार की मारपीट नहीं की गयी है। चुटैल को आयी सभी चोटें साधारण प्रिकृ त की हैं तथा उक्त चोटें िकसके द्वारा कािरत की गयी है, इसके बारे में भी कोई स्पष्ट कथन नहीं िकया गया है। चुटैल को अिभयुक्तों द्वारा िबजली से आवेदक को झटका देने की बात की गयी है, िकन्तु उसकी िचिकत्सीय परीक्षण आख्या में ऐसी कोई भी चोट नहीं पायी गयी है, िजससे अिभयोजन कथानक संदेहास्पद एवं िमथ्या पिरलिक्षत हो रहा है। सभी अिभयुक्तों की समान भूिमका दिशत की गयी है एवं िकसी भी अिभयुक्त को वतर्मान किथत घटना में कोई िविशष्ट भूिमका विणत नहीं की गयी है। यह भी प्रासंिगक तथ्य है िक वतर्मान वाद को कािरत करने में आवेदक की कोई िविशष्ट भूिमका दिशत नहीं की गयी है। आवेदक द्वारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 21 एवं 22 में स्पष्ट िकया गया है। उक्त वाद में अन्य सह-अिभयुक्तगण सौरभ एवं राहुल की जमानत, जमानत प्राथर्नापत्र सं० 28926/2025 एवं 26613/2025 में इसी न्यायपीठ द्वारा िभन्न-िभन्न ितिथयों पर स्वीकृ त की जा चुकी है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की Versus Counsel for Applicant(s) : Preete Chaudhary Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vineet Alias Vineet Singh .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 10.06.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 4, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30400 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad