Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 90444 (ALL)

AVNISH KUMAR PAL v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/29801/2025 · 2025-10-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 29801 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 68/2025, अन्तगर्त धारा 137(2), 87, 65(1) भारतीय न्याय संिहता एवं धारा 3/4(2) पाक्सो एक्ट, थाना िबधुना, िजला औरैया में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जयिकशन चौरिसया को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्रथम सूचना िरपोटर् किथत घटना के लगभग दो माह िवलंब से पंजीकृ त करायी गयी, इसका कोई समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। किथत पीिड़ता के धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के बयान में परस्पर िवरोधाभाष है। उल्लेखनीय तथ्य यह भी है िक किथत पीिड़ता का आकाश राठौर नामक युवक से प्रेम संबंध व वातार् होना भी बताया गया है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक इस मामलें में आवेदक को संशय के आधार पर नािमत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक मामलें के अन्य सहअिभयुक्त के िवरूद्ध अंितम िरपोटर् प्रस्तुत की गयी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 08.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक पीिड़ता नाबािलग है तथा अिभयुक्त द्वारा पीिड़ता को Versus Counsel for Applicant(s) : Ajay Pal, Anvir Singh Counsel for Opposite Party(s) : Dinesh Kumar, G.A., Shri Raghavendra Singh Avnish Kumar Pal .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) उसके िविधक संरक्षण से व्यपहिरत करके पीिड़ता को अयुक्त संभोग व िववाह हेतु िववश करने के आशय से बहला-फु सलाकर भगाया गया तथा उसकी इच्छा के िवरूद्ध उसके साथ शारीिरक संबंध स्थािपत िकया गया है। इसकी पिरपुिष्ट पीिड़ता द्वारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के बयान में भी िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक पीिड़ता के िचिकत्सीय परीक्षण आख्या के अनुसार उसे गंभीर चोटें आयी है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयुक्त द्वारा नाबािलग पीिड़ता के साथ उसकी इच्छा के िवरूद्ध उक्त अपराध कािरत िकया गया है। अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 5. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, पीिड़ता द्वारा अपने धारा 180 व 183 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के बयान में आवेदक/अिभयुक्त के िवरूद्ध िविशष्ट भूिमका अिभकिथत की गयी है तथा इसकी पिरपुिष्ट पीिड़ता के िचिकत्सीय परीक्षण आख्या के अनुसार भी हो रही है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 6. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। October 8, 2025 CP.sahani BAIL No. 29801 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad