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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 89624 (ALL)

SADDAM HUSSAIN v. STATE OF U.P.

BAIL/29661/2025 · 2025-09-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 29661 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 145/2025 अन्तगर्त धारा 318(4), 338, 336(3), 336(4), 340(2) भारतीय न्याय संिहता, थाना मीरपुर, िजला मुजफ्फरनगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है। प्रश्नगत प्रकरण में पुिलस द्वारा मुखबीर की सूचना के आधार पर सहअिभयुक्त िजशाद के घर में आवेदक व अन्य अिभयुक्तगण के द्वारा किथत रूप से तैयार कू टरिचत दस्तावेज (माकर् शीट, आधार काडर्, वोटर आई.डी. टी .सी.) इत्यािद बरामद करने का आक्षेप आरोिपत िकया गया है, िकतु इस मामलें प्रासंिगक तथ्य यह है िक उक्त किथत बरामदगी पूणर्तः पुिलस द्वारा सुस्थािपत है, क्योंिक पुिलस द्वारा किथत बरामदगी करते समय िविध में स्थािपत अिनवायर् प्रािवधानों की अनदेखी की गयी, जबिक भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता की धारा 105 में यह उल्लेिखत है िक बरामदगी के समय उसकी वीिडयोग्राफी करके फदर् में उल्लेख करें, िकतु उक्त बरामदगी में इसका अनुपालन नहीं िकया गया है। आगे यह भी कथन है िक मामलें के सहअिभयुक्त मो० िरजवान की जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 29236/2025 में इस न्यायालय के इसी न्यायापीठ के आदेश िदनांक 01.09.2025 के द्वारा स्वीकार की जा चुकी है। आवेदक की भूिमका भी सहअिभयुक्त के समान है। इसिलए आवेदक जमानत पर मुक्त िकये जाने योग्य है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 14.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया Versus Counsel for Applicant(s) : Ambreen Masroor, Sadrul Islam Jafri, Sr. Advocate Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Saddam Hussain .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है , इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 4, 2025 CP.sahani BAIL No. 29661 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad