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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 88795 (ALL)

ANOOP KUMAR SHARMA v. State of U.P.

BAIL/37492/2024 · 2025-09-22

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 37492 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक अनूप कु मार शमार् की ओर से मु०अ०सं० 92/2023, अंतगर्त धारा 420/ 406/ 506/ 467/ 468/ 471/ 34 भा.दं.सं., थाना मझौला, िजला मुरादाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा िववािदत धनरािश से संबंिधत िडमांन्ड ड्राफ्ट की प्रितिलिप दािखल की गयी, िजसे अनुलग्नक सं. एक्स के रूप में पत्रावली पर रखा जाता है। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा कथन िकया गया िक उसके द्वारा िववािदत धनरािश सूचनाकतार् के बैंक में जमा की जा चुकी है तथा संबंिधत दस्तावेज/साक्ष्यों िडमांड ड्राफ्ट की प्रितिलिप अनुलग्नक सं० X के रूप में संलग्न िकया गया है, िजससे यह स्पष्ट है िक आवेदक द्वारा िववािदत धनरािश सूचनाकतार् के खाते में जमा की जा चुकी है। उक्त कथन की पुिष्ट पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा की गयी। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 20.06.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। Versus Counsel for Applicant(s) : Apul Misra, Manoj Kumar Singh, Ranvijay Chaubey, Sudhir Kumar Tiwari, Vishal Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Pankaj Kushwaha, Suresh Chandra Kushwaha Anoop Kumar Sharma .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के उक्त कथन से कोई आपित्त नहीं है। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है एवं अवर न्यायालय को यह िनदेर्िशत िकया जाता है िक उक्त वाद से संबंिधत सत्र परीक्षण का िनस्तारण शीघ्रता से कर िदया जाए। September 23, 2025 S.Mishra BAIL No. 37492 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad