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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 88511 (ALL)

CHAMPA DEVI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/8166/2024 · 2025-09-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 8166 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेिदका की ओर से मु०अ०सं० 289/2023 अन्तगर्त धारा 419, 420, 467, 468, 471 भारतीय दण्ड संिहता, थाना हाटा, िजला कु शीनगर में अिग्रम जमानत की मॉग करते हुए इस प्राथर्ना के साथ योिजत िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेिदका को जमानत पर िरहा िकया जा सके । 2. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेिदका िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। यहां प्रासंिगक तथ्य यह है िक आवेिदका को इस मामलें में अंतिरम आदेश प्रदत्त है तथा न्यायालय द्वारा प्रदत्त अंतिरम आदेश के अनुपालन में आवेिदका िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत ितिथयों पर उपिस्थत हो रही है। पुनः उनका कथन है िक आवेिदका िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देती है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय द्वारा अपेिक्षत समय पर उपिस्थत रहेगी एवं आवेिदका की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगी और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्ता द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा इस मामलें में अिभयुक्ता के िवरूद्ध पयार्प्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है। उनका यह भी तकर् है िक आवेिदका के िवरूद्ध पयार्प्त साक्ष्य Versus Counsel for Applicant(s) : Chandra Prakash Misra, Sushil Kumar Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Satya Priya Mishra Champa Devi .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s) के आधार पर आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है। इसिलए, अिभयुक्ता को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं हो रहा है। अतः अिभयुक्ता का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 6. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 7. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेिदका की भूिमका और इस मामलें में इस तथ्य को देखते हुए िक, आवेिदका के िवरूद्ध पयार्प्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है। इसिलए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, तद्नुसार आवेिदका का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 8. तद्नुसार, इस अिग्रम जमानत आवेदन पत्र को िनरस्त िकया जाता है। 9. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए। 10. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 24, 2025 CP.sahani ABAIL No. 8166 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad