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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 88432 (ALL)
NEELESH KUMAR v. STATE OF U.P.
NABAIL/6834/2025 · 2025-08-22
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 88432 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:146188 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6834 of 2025 Applicant :- Neelesh Kumar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Dhirendra Kumar Srivastava,Disha Srivastava,Jai Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ननीलवेश कक ममार ककी ओर सवे मक०अ०ससं० 73 सनन् 2025, अन्रररर धमारमा 316(5) 318(4)/ 338/ 336(3)/ 340(2)/ 111 बनी.एन.एस., रमानमा जसरमानमा, जजलमा गफिररोजमाबमाद मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारनी ककी णसरगर मम आववेदक करो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा करो सकनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरकर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपररोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपररोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध करोई गवश्वसननीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक गकसनी दकष्प्रवेरर कवे षण्डियसंत मम गकसनी व्यगक कवे समार सणममजलर नहहीं हहआ हहै। उनकमा यह भनी करन हहै गक आववेदक कमा करोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभनी रक करोई भनी बमाध्यकमारनी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयनी हहै। पकननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जजॉच कवे ददौरमान सहयरोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जजॉच एजमसनी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयरोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हरोरनी वह ईममानदमारनी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खकद करो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभनी शरर्दोसं करो सवनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै जरो न्यमायमालय उस पर अजधररोगपर करवेरनी।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयकक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवररोध मम यह रकर प्रसरकर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभनीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों करो दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयकक करो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयकक करो अगग्रिम जममानर पर न छरोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of
Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममानननीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय गनररयन कररवे समय न्यमायमालय करो आररोपयों ककी प्रकक गर और रसंभनीररमा, आररोपनी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय करो आररोपनी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभनी समामग्रिनी कमा समावधमाननी सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आररोपनी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भनी गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधनी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरयों करो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों , आररोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभनी रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों करो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रकर -दरोष पर गबनमा करोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवनीकमार गकए जमानवे यरोग्य हहै।
7. रद्नकसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनीकमार गकयवे जमानवे यरोग्य हहै।
8. उपररोक मककदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारनी ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारनी ककी ससंरकगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसनी धनरमागश कवे दरो प्रगरभनू प्रसरकर करनवे पर , पकजलस दमारमा आररोप पत दमाजखल हरोनवे रक गनमन शरर्दोसं कवे अधनीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हरोरमा ररो पकजलस अजधकमारनी दमारमा जजॉच हवेरक अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसनी व्यगक यमा पकजलस अजधकमाररययों करो प्रत्यक्षि यमा पररोक्षि रूप सवे करोई धमककी, वमादमा यमा प्रलरोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य करो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसनी पकजलस अजधकमारनी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा कवे ददौरमान सहयरोर करमरवे और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दकरूपयरोर नहहीं करवेरमा। उपररोक शरर्दोसं कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारनी /अगभयरोजन पक्षि करो, आववेदक करो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरनीकरर हवेरक उपयकक आववेदन प्रसरकर करनवे ककी सवरसंतरमा हरोरमा।
9.
रद्नकसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपररोक गटप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 23.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad