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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 88411 (ALL)

GULAM MOHAMMAD v. STATE OF U.P.

BAIL/30438/2025 · 2025-09-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 30438 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 661/2024, अंतगर्त धारा 420, 467, 468, 471, 34 भा.दं.स., थाना बहजोई, िजला सम्भल में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है, जैसािक प्राथिमकी में दिशत िकया गया है। प्राथिमकी अित-िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक प्राथिमकी में नािमत नहीं था, दौरान िववेचना िवक्रय-िवलेख के गवाह के बयान के आधार पर आवेदक का नाम संज्ञान में आया है। आवेदक द्वारा िकसी प्रकार की कू टरचना/धोखाधड़ी कािरत नहीं की गयी है। प्रश्नगत भूिम के वास्तिवक भूस्वामी का धारा 161 सीआरपीसी के तहत बयान दजर् िकया, िजसमें उन्होंने के वल यह कहा है िक उन्होंने जमीन नहीं बेची है और यह तथ्य भी उनके संज्ञान में तब आया जब वािदनी वहां आईं और उन्होंने िवक्रय पत्र िदखाया, िजस पर िवक्रे ता के स्थान पर िकसी अन्य व्यिक्त का फोटो िचपका हुआ था। वतर्मान घटना में आवेदक की कोई सिक्रय भूिमका नहीं बताई है। आवेदक की पहचान वािदनी द्वारा नहीं की गई है तथा आवेदक का वािदनी से कोई संबंध नहीं है और न ही वह भूिम के िवक्रय-िवलेख को शुरू करने या अंितम रूप देने में शािमल था। आवेदक किथत िबक्री िवलेख का िवक्रे ता, क्रे ता या गवाह नहीं है और न ही प्रश्नगत िवचाराधीन भूिम के सौदे में उसकी कोई भूिमका बताई गई है तथा वतर्मान मामले के संबंध में आवेदक िकसी प्रकार से लाभाथीर् नहीं है। आवेदक द्वारा अपने पूवर् के आपरािधक इितहास को शपथपत्र के प्रस्तर सं० 22 में स्पष्ट िकया गया है। पुनः उनका यह भी Versus Counsel for Applicant(s) : Ashutosh Upadhyay Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Gulam Mohammad .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 03.03.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 4, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 30438 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad