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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 88337 (ALL)
SAURABH v. STATE OF U.P.
BAIL/28926/2025 · 2025-08-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 88337 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:144993 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 28926 of 2025 Applicant :- Saurabh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Pradeep Kumar Bhardwaj Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक ससौरभ ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 526/2025, अवंतररत धिद्वारद्वा 191(2), 115(2), 109(1), 127(2), 351(3), 140(1), 308(5), 61(2) बली.एन.एस., थद्वानद्वा ककोतवद्वालली नरर , धजलद्वा बसुलवंदशहर मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हहै।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भली कक त्य कद्वाररत नहहीं वकयद्वा रयद्वा हहै, जहैसद्वावक प्रद्वाथवमककी मम दवशरत वकयद्वा रयद्वा हहै। आववेदक कद्वा प्रद्वाथवमककी मम नद्वावमत नहहीं थद्वा, वरनन वतरमद्वान आववेदक और अन्य सह-अवभयसुक रद्वाहहल कद्वा नद्वाम सझूचनद्वाकतद्वार दद्वारद्वा वदनद्वावंक 09.06.2025 कको वववशष्ट प्रश्न पझूछवे जद्वानवे पर बतद्वायद्वा रयद्वा हहै। पलीवडड़़ित और सझूचनद्वाकतद्वार कवे बयद्वान कवे अनसुसद्वार , हकोटल स्वलीट हकोम कवे प्रबवंधिक रद्वाहहल कवे आदवेश पर सली .सली.टली.वली. बवंद करनवे कवे अलद्वावद्वा वतरमद्वान आववेदक ककी ककोई भझूवमकद्वा दवशरत नहहीं ककी रयली हहै तथद्वा उक कवे अवतररक आववेदक कवे ववरुद्ध ककोई सद्वाक्ष्य उपलब्धि नहहीं हहै। हकोटल स्वलीट हकोम कद्वा महैनवेजर रद्वाहहल (सह-अवभयसुक) आववेदक कद्वा ररश्तवे मम सद्वालद्वा हहै और वह उससवे वमलनवे हकोटल रयद्वा थद्वा, उसली समय पसुधलस आई और आववेदक एववं रद्वाहहल
कको वररफ्तद्वार कर धलयद्वा। आववेदक कवे कब्जवे यद्वा वनशद्वानदवेहली सवे वतरमद्वान घटनद्वा सवे सवंबवंधधित ककोई भली आपधत्तिजनक वस्तसु बरद्वामद नहहीं हहई हहै। यह प्रद्वासवंवरक तथ्य हहै वक प्रद्वाथवमककी वदनद्वावंक 09.06.2025 कको दजर ककी रई थली, लवेवकन पहलवे मसुखवबर नवे आववेदक कद्वा नद्वाम नहहीं बतद्वायद्वा और कसु छ समय बद्वाद उसली वदन धिद्वारद्वा 180 बली.एन.एस.एस.
कवे तहत बयद्वान दजर वकयद्वा रयद्वा, तब भली आववेदक कद्वा नद्वाम नहहीं बतद्वायद्वा रयद्वा, उसकवे बद्वाद एक वववशष्ट प्रश्न कवे उत्तिर मम पहलवे मसुखवबर नवे आववेदक और सह-अवभयसुक रद्वाहहल कद्वा नद्वाम बतद्वायद्वा , वकन्तसु आववेदक ककी ककोई पहचद्वान नहहीं ककी रई। अवभयकोजन कथद्वानक एववं सझूचनद्वाकतद्वार/पलीवडत कवे बयद्वाननों मम परस्पर ववरकोधिद्वाभद्वास हहै।आववेदक दद्वारद्वा कभली ककोई अपहरर नहहीं वकयद्वा और न हली कभली वकसली धिनरद्वावश यद्वा वफरसौतली ककी मद्वावंर ककी रयली। आववेदक कद्वा ककोई पझूवर आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हहै। उक वद्वाद मम अन्य सह -अवभयसुक रद्वाहहल ककी जमद्वानत, जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 26613/2025, इसली न्यद्वायपलीठ दद्वारद्वा वभन वतधथ कको स्वलीकक त हको चसुककी हहै। पसुननः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा रयद्वा हहै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आवश्यकतद्वा हकोरली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्ष खसुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करवेरली। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 10.06.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड वदयद्वा जद्वाय।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोडद्वा जद्वाय।
5. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यनों एववं पररणस्थवतयनों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबझूतनों ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रली सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरली रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै।
6. अतनः वद्वाद कवे रसुर-दकोष पर वबनद्वा ककोई वटप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्ट पर व्यवकरत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भली दको प्रवतभझू प्रस्तसुत करनवे पर वनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षर कवे दसौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्यनों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अवभयकोजन सद्वावक्षयनों व पलीवडतद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशनों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परलीक्षर कवे दसौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परलीक्षर मम ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv.
आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोर नहली करवेरद्वा और वकसली भली अपरद्वाधधिक रवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यनों सवे पररवचत वकसली भली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररयनों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यनों कको उजद्वारर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेड़़ि।
7. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परलीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 22.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad