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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 88164 (ALL)

RUCHI TRIPATHI ALIAS SUPRIYA TRIPATHI v. STATE OF U.P.

BAIL/28821/2025 · 2025-09-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 28821 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1.वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेिदका की ओर से मु०अ०सं० 78/2024, अन्तगर्त धारा 419, 420, 406, 467, 468, 471, 504, 506, 120बी भा०दं०िव०, थाना कै िम्पयरगंज, िजला गोरखपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2.आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेिदका को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्रश्नगत प्रकरण में आवेिदका की भूिमका अपने भाई की साथ िमलकर किथत अपराध कािरत करने की भूिमका बतायी गयी है, िकतु इस मामलें प्रासंिगक तथ्य यह है िक प्रथम सूचना िरपोटर् एवं अिभयोगी के बयान में आरोप पूणर्तः आवेिदका के भाई अिभनव ितवारी/सहअिभयुक्त के िवरूद्ध आक्षेिपत िकया गया है, आवेिदका की भूिमका मात्र यह िक किथत धनरािश आवेिदका के खाते में आना बताया गया है, चूिक सहअिभयुक्त अिभनव ितवारी आवेिदका का भाई है तथा पािरवािरक सदस्य होने के नाते आवेिदका का खाता उसके भाई द्वारा धनरािश मंगाने के िलए प्रयोग िकया गया है, िकतु उसमें आवेिदका की कोई भूिमका नहीं है और न ही आवेिदका अपने भाई व अिभयोगी के संबंधों से िभज्ञ थी। आगे यह भी कहा गया िक आवेिदका मिहला है तथा अिभयोिगनी से उसका कोई दूराशय नहीं है और न ही किथत अपराध कािरत करने का कोई हेतुक है। पुनः उनका कथन है िक पुनः उनका कथन है िक पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष Versus Counsel for Applicant(s) : Sandeep Kumar Yadav, Subhash Chandra Pandey Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ruchi Tripathi Alias Supriya Tripathi .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेिदका िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 20.07.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेिदका को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4.िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्ता के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्ता द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्ता को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5.उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेिदका को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6.अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेिदका को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेिदका िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी। 1. आवेिदका अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगी/धमकायेगी नहीं। 2. आवेिदका न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगी तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगी। 3. आवेिदका जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगी और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगी न कोई अपरािधक कृ त्य करेगी। 4. आवेिदका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगी न ही उनसे कोई वायदा करेगी, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत 5. BAIL No. 28821 of 2025 2 रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेिदका की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 4, 2025 CP.sahani BAIL No. 28821 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad