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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 86783 (ALL)
ASIF NASEEM v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
BAIL/29012/2025 · 2025-08-22
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 86783 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:146597 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 29012 of 2025 Applicant :- Asif Naseem Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Manjeet Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक आससिफ नसिसीम ककी ओर सिवे ममु०अ०सिसं० 618/2020, अन्रररर धमारमा 409/ 420/ 120 बसी भमा०दसं०वव०, रमानमा कक ट, सजलमा कवमश्नरवेट वमारमारसिसी मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा एवसं ववदमान अपर शमासिककीय असधवक्तमा कको सिमुनमा ररमा पत्रमावलसी कमा पररशसीलन वकयमा।
3.
आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक प्रश्नरर ममाललवे मम सिमार अवभयमुक्तरर कको नमावमर वकयमा रयमा, सजसिमम रसीन सिअवभयमुक्तरर ककी जममानर न्यमायमालय दमारमा स्वसीकमार ककी जमा चमुककी हहै। यहमासं प्रमासिसंवरक रथ्य यह भसी हहै वक प्रश्नरर ममामलवे कवे अवरररक्त आववेदक कको अन्य ममामलवे मम आववेदक सिवहर कई व्यवक्तययों कवे ववरूद्ध एक प्ररम सिसूचनमा ररपकोटर कवे आधमार पर पसंजसीकक र वकयमा रयमा हहै, सजसिमम कहमा रयमा हहै वक सिसूचनमाकरमार नवे आकररक ररटनर कवे प्रलकोभन मम शमाइन ससिटसी इसंफमास्टटक्चर प्रमाइववेट सलवमटवेण्डि कसं पनसी मम कमु छ वनववेश वकए रवे, लवेवकन सिसूचक कको ककोई ररटनर नहहीं वदयमा रयमा। आववेदक कको कसं पनसी कमा वनदवेशक बरमायमा रयमा हहै। यह भसी कहमा रयमा हहै वक इसिसी ररह कवे वववमादयों सिवे उत्पन्न रमाज्य भर मम सिहैकडयों अन्य प्रमारवमककी दजर ककी रई हक। आववेदक कमा नमाम कमु छ प्रमारवमवकययों मम दजर हहै। यहमासं प्रमासिसंवरर रथ्य यह भसी हहै वक वकसिसी ववचमारमाधसीन व्यवक्त कको वहरमासिर मम रखनवे कमा उदवेश्य ममुकदमवे कमा सिमामनमा करनवे कवे सलए उसिककी उपलब्धरमा सिमुवनणश्चर करनमा हहै , जबवक आववेदक कको वहरमासिर मम सलए जमानवे कवे सिमाढवे रसीन सिमाल सिवे असधक सिमय बसीर जमानवे कवे बमावजसूद , आज रक सित्र परसीक्षर कमा वनस्रमारर नहहीं हको पमायमा हहै , सजसिसिवे आववेदक कको वहरमासिर मम रखनवे कमा उदवेश्य पसूरमा नहहीं हको रहमा हहै एवसं इसिसी प्रकमार कवे ममामलयों मम कई अन्य सिह -अवभयमुक्तयों कको पहलवे हसी जममानर दसी जमा चमुककी हहै और आववेदक कको इसिसी ररह कवे कई ममामलयों मम पहलवे हसी जममानर वमल चमुककी हहै। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक ककी ओर सिवे यह आश्वमासिन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानसून ककी प्रवक्रियमा मम सिहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भसी आवश्यकरमा हकोरसी वह ईममानदमारसी सिवे अदमालर कवे सिमक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सिभसी शररसं कको स्वसीकमार करनवे कवे सलए भसी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उसि पर असधरकोवपर करवेरसी। आववेदक वनदरर हहै ररमा वह इसि प्रकरर मम वद० 01.11.2021 सिवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इसिसलए आववेदक कको जममानर
पर छकोड वदयमा जमाय।
4.
ववदमान अपर शमासिककीय असधवक्तमा नवे अवभयमुक्त कवे जममानर कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक अवभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध सिसंसंजवेय एवसं रसंभसीर प्रकक वर कमा हहै , इसिसलए अवभयमुक्त कको जममानर पर न छकोडमा जमाय।
5. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकरसं कवे पररप्रवेक्ष्य एवसं पत्रमावलसी पर उपलब्ध सिमारवमान रथ्ययों एवसं पररणस्रवरययों कमा सिमग्र रूप सिवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सिबसूरयों ककी प्रकक वर और वकसिसी भसी ठकोसि ववरकोधमात्मक सिमामग्रसी ककी अनमुपणस्रवर एवसं उपलब्ध सिमामग्रसी सिवे छवेडछमाड ककी सिसंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरसी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
6. अरनः वमाद कवे रमुर -दकोर पर वबनमा ककोई वटप्परसी वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम सिसंबसंसधर न्यमायमालय ककी सिसंरमुवष्टि पर व्यवक्तरर बसंध-पत्र एवसं असधक धनरमावश कवे दको स्रमानसीय प्रवरभसू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नसलसखर शररसं कवे सिमार जममानर पर छकोड वदयमा जमाय।
1. आववेदक ववववेचनमा यमा परसीक्षर कवे ददौरमान अवभयकोजन सिमाक्ष्ययों कवे सिमार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अवभयकोजन सिमावक्षययों व पसीवडरमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा , वह परसीक्षर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए वनयर वरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परसीक्षर मम ईममानदमारसी सिवे सिहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसंत्ररमा कमा दमुरूपयकोर नहसी करवेरमा और वकसिसी भसी अपरमासधक रवरववसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सिवे ममामलवे कवे रथ्ययों सिवे पररवचर वकसिसी भसी व्यवक्त यमा पमुसलसि असधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हसी उनसिवे ककोई वमायदमा करवेरमा , सजसिकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सिवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़।
7. उपरकोक्त शररसं मम सिवे वकसिसी कवे उलसंघन कवे ममामलवे मम , परसीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसिमार रद करनवे कको स्वरसंत्र हहै। Order Date :- 23.8.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad