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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 8577 (ALL)
BADSHAH ALIAS VIRENDRA v. STATE OF U.P.
BAIL/2001/2025 · 2025-04-24
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 8577 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:63940
Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2001 of 2025 Applicant :- Badshah Alias Virendra Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ajad Singh,Punam Purwar,Shad Khan,Shailesh Kumar Pandey,Vijay Tripathi Counsel for Opposite Party :- Ajay Kumar Pandey,G.A.,Sanjay Singh Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक बमादशमाह उरर ववीरवेन्द्र ककी ओर सवे ममु०अ०स० 268/2024, अन्रररर धमारमा 74/ 109(1)/ 115(2)/ 131/ 190/ 191 (2) / 61(2) 191(3)/ 351(2)/ 352 बवी.एन.एस, रमानमा ररवेहमाबमाद जजलमा आररमा मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा, पररवमादवी कवे कवदमान अजधवक्तमा अकमाक्षांश एवक्षां कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलवी कमा पररशवीलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे पपूरकशपर पत दमाजखिल ककयमा , उसवे पतमावलवी पर रखिमा जमाए।
4. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवक्षां रजर्जी ढक्षांर सवे झपूठमा रक्षां समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। बयमान घमायल/ रवमाह पवन पमुत चचौहमान जसक्षांह कवे बयमान अवलकोकन सवे यह दकशरर हकोरमा हहै कक आववेदक ककी ररमाकजरर घटनमा मम ककोई भवी स्पष्ट भमारवीदमारवी नहहीं बरमायवी रयवी हहै। आववेदक कमा ककोई आपरमाजधक इकरहमास नहहीं हहै। आववेदक जममानर कवे उपरमान्र वमाद कवचमारर मम सहयकोर करमरवे। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 05.11.2024 सवे कमारमारमार मम कनरुद हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय।
5. पररवमादवी कवे कवदमान अजधवक्तमा एवक्षां कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सक्षांजवेय एवक्षां रक्षांम्भवीर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोक्षां कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलवी पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवक्षां पररणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबपूरयों ककी प्रकक कर और ककसवी भवी ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रवी ककी अनमुपणस्रकर एवक्षां उपलब्ध समामग्रवी सवे छवेड़छमाड़ ककी सक्षांभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरवी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरतः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परवी ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सक्षांबक्षांजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष्ट पर व्यकक्तरर बक्षांध -पत एवक्षां उसवी धनरमाकश कवे दको प्रकरभपू प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखिर शरर्दोक्षां कवे समार जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय।
1.
आववेदक कवववेचनमा यमा परवीकर कवे दचौरमान अकभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयकोजन समाककययों व पवीकड़रमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरवी, वह परवीकर कवे दचौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परवीकर मम ईममानदमारवी सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरक्षांतरमा कमा दमुरूपयकोर नहवी करवेरमा और ककसवी भवी अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररकचर ककसवी भवी व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हवी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोक्षां मम सवे ककसवी कवे उलक्षांघन कवे ममामलवे मम , परवीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरक्षांत हहै। Order Date :- 25.4.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad