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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 27495 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 78/2025 अन्तगर्त धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 316(2), 61(2), 352, 351 भारतीय न्याय संिहता, थाना मंडावली, िजला िबजनौर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक की ओर से विरष्ठ िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. संक्षेप में अिभयोजन कथानक यह है िक सूचनाकतार् एक प्लॉट खरीदना चाहता था, बाद में उसे पता चला िक मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी, जाटपुरा रोड, थाना मंडावली, िजला-िबजनौर में प्रथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयुक्तों द्वारा एक कॉलोनी स्थािपत की जा रही है और जब वह प्लॉट के संबंध में उनसे िमला तो उन्होंने उसे प्लॉट से संबंिधत कु छ दस्तावेज िदखाए और मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के िलए उसे बहकाया, िजसके िलए सूचनाकतार् ने अिभयुक्तों को 2,10,000 रुपये नकद िदए तथा एक हलफनामा भी तैयार िकया गया था, िजसमें प्लॉट की खरीद और िबक्री का िववरण था और जबसूचनाकतार् ने िबक्री का दस्तावेज मांगा तो आरोिपयों ने उससे िबक्री का दस्तावेज देने के िलए और पैसे की मांग की िजसके िलए उसने उन्हें ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से िफर से 40,000 रुपये िदए, लेिकन आरोिपयों ने उसे िबक्री का दस्तावेज नहीं िदया और यह तभी पता चला िक आरोिपयों ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उसे 2,50,000 रुपये की ठगी की है और उसे यह भी पता चला िक आरोिपयों ने उसी प्लॉट के िलए 16 अन्य व्यिक्तयों को भी िमलाकर कु ल एक करोड़ िछहत्तर लाख और पांच हजार रुपये की ठगी की है और जब िदनांक 11.05.2025 को दोपहर 1 बजे सभी Versus Counsel for Applicant(s) : Aushim Luthra, Jitendra Pal Singh Chauhan Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Lal Chandra Mishra, Shantanu Srivastava Mohd. Aasim Jalal .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
पीिड़त व्यिक्त मोटा महादेव पुरम -3 कॉलोनी में आरोिपयों से अपने पैसे और प्लॉट वापस लेने के िलए पहुंचे, जहां आवेदक और सह-अिभयुक्त अिभषेक गुप्ता पहले से ही मौजूद थे। उन्होंने सूचना देने वाले और अन्य लोगों को धमकाया और गािलयाँ दीं और कहा िक वे पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही प्लॉट देंगे।
4.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक प्रश्नगत प्रकरण में आवेदक पर यह आक्षेप आरोिपत िकया गया िक सूचनाकतार् एक प्लॉट खरीदना चाहता था, बाद में उसे पता चला िक मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी, जाटपुरा रोड, थाना मंडावली, िजला-िबजनौर में प्रथम सूचना िरपोटर् में नािमत अिभयुक्तों द्वारा एक कॉलोनी स्थािपत की जा रही है और जब वह प्लॉट के संबंध में उनसे िमला तो उन्होंने उसे प्लॉट से संबंिधत कु छ दस्तावेज िदखाए और मोटा महादेव पुरम-3 कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के िलए उसे बहकाया, िजसके िलए सूचनाकतार् ने अिभयुक्तों को 2,10,000 रुपये नकद िदए तथा एक हलफनामा भी तैयार िकया गया था, िजसमें प्लॉट की खरीद और िबक्री का िववरण था और जबसूचनाकतार् ने िबक्री का दस्तावेज मांगा तो आरोिपयों ने उससे िबक्री का दस्तावेज देने के िलए और पैसे की मांग की िजसके िलए उसने उन्हें ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से िफर से 40,000 रुपये िदए, लेिकन आरोिपयों ने उसे िबक्री का दस्तावेज नहीं िदया और यह तभी पता चला िक आरोिपयों ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उसे 2,50,000 रुपये की ठगी की है तथा आरोिपयों ने उसी प्लॉट के िलए 16 अन्य व्यिक्तयों से भी ठगी की है और जब िदनांक 11.05.2025 को दोपहर 1 बजे सभी पीिड़त व्यिक्त मोटा महादेव पुरम -3 कॉलोनी में आरोिपयों से अपने पैसे और प्लॉट वापस लेने के िलए पहुंचे, तो उन्होंने सूचना देने वाले और अन्य लोगों को धमकाया और गािलयाँ दीं और कहा िक वे पैसे वापस नहीं करेंगे और न ही प्लॉट देंगे, िकतु इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह है िक आवेदक के िवरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं और उसने कोई अपराध नहीं िकया है और उसे इस मामले में झूठा फं साया गया है। के स डायरी के पचार् संख्या 1 के माध्यम से सूचनाकतार् द्वारा सह- अिभयुक्त शाहवेज के बैंक खाते में िकए गए ऑनलाइन लेन-देन िकया गया तथा सहअिभयुक्त शाहवेज के नाम से 100 स्टांप पेपर प्राप्त िकए गये। आगे यह भी कहा गया िक सूचनाकतार् ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा है िक उसने इसके िलए सह-अिभयुक्त शाहवेज को 12,00,000 रुपये नकद भी िदए थे। आवेदक ने अपने प्लॉट पर नई कॉलोिनयों के िनमार्ण का प्रोजेक्ट सह-अिभयुक्त शाहवेज को िदया था और वह प्लॉटों की िबक्री और प्लॉट के असली मािलकों को िबक्री िवलेख देने के िलए भी िजम्मेदार था, लेिकन कु छ समय बाद सह-अिभयुक्त शाहवेज ने ग्राहकों को उनके नाम
पर पंजीकृ त जाली िबक्री िवलेख कागजात िदखाकर धोखाधड़ी करना शुरू कर िदया और बाद में जब उसने उनसे पैसे प्राप्त कर िलए, तो BAIL No. 27495 of 2025 2 शाहवेज ने उन्हें िबक्री िवलेख नहीं िदया। यहाँ यह उल्लेख करना उिचत है िक जैसे ही आवेदक को पता चला िक सह-अिभयुक्त शाहवेज ने आवेदक के नाम पर धोखाधड़ी की है, तो उसने तुरंत कानूनी सहारा िलया और शाहवेज के िवरुद्ध िदनांक 18.06.2025 को धारा 316(2) और 351(2) बीएनएस, थाना मंडावली, िजला िबजनौर के अंतगर्त मुकदमा अपराध संख्या 74/2025 के तहत एक प्राथिमकी दजर् कराई। जहाँ तक किथत बैंक लेन-देन का संबंध है, िजसमें गवाहों ने आवेदक के बैंक खाते में धनरािश हस्तांतिरत नहीं हुई है। आगे पुनः कथन िकया गया िक अिभयोगी द्वारा किथत धनरािश सहअिभयुक्त शाहवेज को नकद दी व खाते में ही हस्तांतिरत की गयी है, आवेदक के खाते में कोई धनरािश प्राप्त नहीं हुई और न ही किथत नकद धनरािश देने का कोई दस्तावेजी साक्ष्य है। सुसंगत तथ्य यह भी है िक यह पूरा िववाद पूरी तरह से दीवानी प्रकृ ित का है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 29.06.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5.
पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा सहअिभयुक्त शाहवेज व अन्य के साथ िमलकर किथत धनरािश आवेदक से ली गयी, िजसकी पिरपुिष्ट बैंक स्टेंटमेंट के अनुसार भी हो रही है, िकतु अिभयुक्त द्वारा किथत भूिम का बैनामा सूचनाकतार् के पक्ष में नहीं िकया गया, िजसके कारण आवेदक घोर मानिसक व आिथक क्षित कािरत हुई है। आगे यह भी कहा गया िक अिभयुक्त द्वारा इसी तरह अपराध/गबन कई अन्य व्यिक्तयों के साथ भी िकया गया, जो प्रथम सूचना िरपोटर् में विणत है। अिभयुक्त एक अभ्यस्थ प्रकृ ित का अपराधी है। अिभयुक्त द्वारा अन्य सहअिभयुक्तगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त BAIL No. 27495 of 2025 3
विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/ धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8.
उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 8, 2025 CP.sahani BAIL No. 27495 of 2025 4 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad