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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 29038 of 2024 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 137/2024 , अन्तगर्त धारा 363, 376(3) भा०दं०िव० एवं धारा 5(एम)/6 पाक्सो एक्ट, थाना फे ज-II नोएडा, िजला गौतमबु्ध नगर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। इस मामलें ्ऺासंिगक तथ्य यह है िक मामलें के स्ऴ परी्षण में अिभयोजन सा्षी 2/पीिड़ता ्षारा यह कथन िकया गया िक "रौनक उफर् रहीम ने मेरे साथ कोई भी जबरदस्ती शारीिरक संबंध, मारपीट, छेड़छाड़ नहीं की थी।" तथा अिभयोजन सा्षी सं० 1 ्षारा अिभयोजन कथानक का समथर्न नहीं िकया गया है। इस स्तर पर अिभयोजन सा्षी 1 व अिभयोजन सा्षी 2 को प्ष्शोही घोिषत िकया गया है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक इस मामलें में आवेदक की कोई भूिमका नहीं है तथा आवेदक जमानत पर मु्व िकये जाने योग्य है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 07.04.2024 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4.
पिरवादी के िव्षान अिधव्वा ्शी गुंजन ्शीवास्तव ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा इस जमानत आवेदन के लंिबत रहने के दौरान Versus Counsel for Applicant(s) : Ziya Uddin, Avnish Kumar Shukla, Syed Ali Imam Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Gunjan Sharma, Sandeep Saxena Raheem Khan @ Raunak .....Applicant(s) State Of Up And 3 Others .....Opposite Party(s)
आवेदक की ओर से िवचारण न्यायालय में ि्षतीय जमानत आवेदन प्ऴ योिजत िकया गया, िजसमें संबंिधत न्यायालय ्षारा अिभयु्व को जमानत पर मु्व िकया गया, तदोपरांत इस वाद में मा० न्यायालय ्षारा आदेश िदनांक 24.07.2025 के ्षारा ्ऺश्नगत जमानत आदेश अपास्त करते हुए अिभयु्व को िवचारण न्यायालय के सम्ष आत्मसमपर्ण हेतु िनदरॏिशत िकया गया। आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा पुनः कथन िकया गया िक मा० न्यायालय ्षारा आदेश िदनांक 24.07.2025 के अऩुपालन में आवेदक ्षारा िवचारण न्यायालय के सम्ष आत्मसमपर्ण िकया गया है। आवेदक एक वषर् से अिधक समय से कारागार में िनरू्ध है तथा इस मामलें के स्ऴ परी्षण में किथत पीिड़ता व अिभयोजन सा्षी को प्ष्शोही घोिषत िकया जा चुका है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मु्व िकये जाने योग्य है।
6. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3.
आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. BAIL No. 29038 of 2024 2
8. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 9, 2025 CP.sahani BAIL No. 29038 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad