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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 83697 (ALL)
ARUN v. STATE OF U.P.
BAIL/28805/2025 · 2025-08-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 83697 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:144900 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 28805 of 2025 Applicant :- Arun Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Shubham Jadaun Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवागण शदी टदी.पदी. धससिंह एवसिं नदीततू धससिंह ककी तरिफ सके आज वकवालतनवामवा दवाधखिल वकयवा गयवा, धजसके पतवावलदी परि रिखिवा जवाय।
2. आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा, पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एवसिं रिवाज्य ककी तरिफ सके ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा कको ससुनवा तथवा पतवावलदी कवा पररिशदीलन वकयवा।
3. वतरमवान दवाणणण्डिक प्रककीणर जमवानत प्रवाथरनवा पत आवकेदक Arun ककी ओरि सके मसु०अ०ससिं० 193/2025, असिंतगरत धिवारिवा 191(2), 190, 109, 115(2), 117(2), 126(2), 333, 352 बदी.एन.एस., थवानवा छवातवा, धजलवा मथसुरिवा मम जमवानत परि मसुक करिनके हकेतसु प्रस्तसुत वकयवा गयवा हहै।
4.
आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा नके तकर प्रस्तसुत वकयवा वक आवकेदक कको इस प्रकरिण मम गलत एवसिं फजर्जी ढसिंग सके झतूठवा फसिं सवायवा गयवा हहै , उसनके कधथत अपरिवाधि कवाररित नहहीं वकयवा हहै। आवकेदक दवारिवा ऐसवा ककोई भदी कक त्य कवाररित नहहीं वकयवा गयवा हहै, जहैसवावक प्रवाथवमककी मम दवशरत वकयवा गयवा हहै। प्रवाथवमककी दको नवावमत अवभयसुकगण वववपन एवसिं जदीततू तथवा 8-10 अजवात व्यवकययों कके ववरुद्ध दजर करिवायदी गयदी थदी, धजसमम आवकेदक प्रवाथवमककी मम नवावमत नहहीं थवा, ददौरिवान वववकेचनवा रिसिंधजशन आवकेदक कको वतरमवान ववाद मम अवभयसुक बनवा वदयवा गयवा हहै। चसुटहैलयों ककी वचवकत्सदीय परिदीक्षण आख्यवा एवसिं अवभयकोजन कथवानक मम परिस्परि ववरिकोधिवाभवास हहै। ववाददी पक्ष ककी तरिफ सके धिमरसिंद, जय नवारिवायण एवसिं परिशसुरिवाम कको चकोटम आयदी हह,
धजनमम सके परिशसुरिवाम कको गम्भदीरि चकोटम प्रवाप्त हहईसिं हह तथवा चसुटहैल परिशसुरिवाम दवारिवा अपनके बयवान मम भदी कथन वकयवा गयवा हहै वक "मह छत परि अपनके कमरिके मम खिवानवा खिवा रिहवा थवा वक हलवा गसुहवारि ककी आववाज ससुनकरि बवाहरि ककी तरिफ झवासिंकनके आयवा तको जदीततू व वववपन कके हवाथ मम तमसिंचके थके उन दकोनको नके मकेरिके उपरि फवायरि करि वदयवा। गकोलदी मकेरिके जबण्डिके मम लगदी औरि मह वहहीं वगरि गयवा।" इसदी प्रकवारि कवा बयवान अन्य चसुटहैल धिमरसिंद एवसिं जय नवारिवायण दवारिवा भदी वकयवा गयवा हहै। उक बयवानयों सके यह स्पष्ट हहै वक वतरमवान घटनवा कको कवाररित करिनके मम मसुख्य भतूवमकवा जदीततू औरि वववपन कको दवशरत ककी गयदी हहै तथवा वतरमवान आवकेदक ककी ककोई वववशष्ट भतूवमकवा दवशरत नहहीं ककी गयदी हहै।। आवकेदक दवारिवा अपनके पतूवर कके आपरिवाधधिक इवतहवासयों कको शपथपत कके प्रस्तरि ससिं० 22 मम स्पष्ट वकयवा गयवा हहै। पसुननः उनकवा यह भदी कथन हहै वक आवकेदक ककी तरिफ सके यह आश्ववासन वदयवा गयवा हहै वक वह कवानतून ककी प्रवक्रियवा मम सहयकोग करिनके कके धलए तहैयवारि हहै औरि जब भदी आवश्यकतवा हकोगदी वह ईमवानदवारिदी सके अदवालत कके समक्ष खिसुद कको उपलब्धि करिवाएगवा औरि उन सभदी शतरसिं कको स्वदीकवारि करिनके कके धलए भदी तहैयवारि हहै जको न्यवायवालय उस परि अधधिरिकोवपत करिकेगदी। आवकेदक वनदरष हहै तथवा वह इस प्रकरिण मम वद० 06.06.2025 सके कवारिवागवारि मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आवकेदक कको जमवानत परि छकोड़ वदयवा जवाय।
5.
पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एवसिं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा नके आवकेदक कके जमवानत कवा प्रबल ववरिकोधि करितके हहए तकर प्रस्तसुत वकयवा वक आवकेदक दवारिवा कवाररित अपरिवाधि ससिंसिंजकेय एवसिं गसिंभदीरि प्रकक वत कवा हहै , इसधलए आवकेदक कको जमवानत परि न छकोड़वा जवाय।
6. उभयपक्ष कके ववदवान अधधिवकवागण कके तकरसिं कके पररिप्रकेक्ष्य मम पतवावलदी परि उपलब्धि सवारिववान तथ्ययों एवसिं पररिणस्थवतययों कवा समग्र रूप सके अवलकोकन करिनके कके बवाद, सबतूतयों ककी प्रकक वत औरि वकसदी भदी ठकोस ववरिकोधिवात्मक सवामग्रदी ककी अनसुपणस्थवत एवसिं उपलब्धि सवामग्रदी सके छकेड़छवाड़ ककी ससिंभवावनवा न हकोनके कके तथ्य कको दकेखितके हहए मकेरिदी रिवाय मम आवकेदक कको जमवानत परि मसुक करिनके कवा उपयसुक आधिवारि हहै।
7. अतनः ववाद कके गसुण-दकोष परि वबनवा ककोई वटप्पणदी वकए हहए आवकेदक कको उपरिकोक ववणरत अपरिवाधि मम ससिंबसिंधधित न्यवायवालय ककी ससिंतसुवष्ट परि व्यवकगत बसिंधि -पत एवसिं अधधिक धिनरिवावश कके ककोई भदी दको प्रवतभतू प्रस्तसुत करिनके परि वनम्नधलधखित शतरसिं कके सवाथ जमवानत परि छकोड़ वदयवा जवाय। i. आवकेदक वववकेचनवा यवा परिदीक्षण कके ददौरिवान अवभयकोजन सवाक्ष्ययों कके सवाथ छकेड़छवाड़ नहहीं करिकेगवा। ii. आवकेदक अवभयकोजन सवावक्षययों व पदीवड़तवा / वशकवायतकतवार कको ण्डिरिवायकेगवा/धिमकवायकेगवा नहहीं। iii. आवकेदक न्यवायवालय कके आदकेशयों कवा पवालन करिकेगवा , वह परिदीक्षण कके ददौरिवान वबनवा ककोई अनवावश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ परि न्यवायवालय मम उपणस्थत हकोगवा तथवा परिदीक्षण मम ईमवानदवारिदी सके सहयकोग करिकेगवा। iv. आवकेदक जमवानत परि ररिहवा हकोनके कके बवाद जमवानत ककी स्वतसिंततवा कवा दसुरूपयकोग नहदी करिकेगवा औरि वकसदी भदी अपरिवाधधिक गवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोगवा न ककोई अपरिवाधधिक कक त्य करिकेगवा। v. आवकेदक प्रत्यक्ष यवा अप्रत्यक्ष रूप सके मवामलके कके तथ्ययों सके पररिवचत वकसदी भदी व्यवक यवा पसुधलस अधधिकवाररिययों कको ककोई प्रलकोभन यवा धिमककी नहहीं दकेगवा न हदी उनसके ककोई ववायदवा करिकेगवा, धजसकके कवारिण उन्हम न्यवायवालय मम तथ्ययों कको उजवागरि करिनके सके ववरित रिहनवा पण्डिकेडे़।
8. उपरिकोक शतरसिं मम सके वकसदी कके उलसिंघन कके मवामलके मम , परिदीक्षण न्यवायवालय आवकेदक ककी जमवानत वनयमवानसुसवारि रिद्द करिनके कको स्वतसिंत हहै। Order Date :- 22.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad