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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 82792 (ALL)

FARMAN @ AIYA v. State of U.P.

BAIL/29014/2024 · 2025-02-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:27384 Court No. - 84 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 29014 of 2024 Applicant :- Farman @ Aiya Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Abdul Mazeed,Awash Ahmed Siddiqui Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री अब्ददल मजश्रीद एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शश्री अममृत रद्वाज चचौरधसयद्वा कको सदनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा अवलकोकन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक ककी ओर सवे मद०अ०सवं० 121 सनन् 2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 3(1) उ०प्र० वररकोहबवंद एववं समद्वाज ववरकोधिश्री वक्रियद्वाकलद्वाप (वनवद्वारर) अधधिवनयम, 1986, थद्वानद्वा बहवेडश्री, धजलद्वा बरवेलश्री मम जमद्वानत पर मदक करनवे हवेतद प्रस्तदत वकयद्वा रयद्वा हहै। 3. उपरकोक प्रकरर वदनद्वावंक 26.02.2024 कको आववेदक सवहत दको अन्य व्यवकययों कवे ववरुद्ध थद्वानद्वाध्यक्ष दद्वारद्वा धलखद्वाई रयश्री प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर कवे आधिद्वार पर पवंजश्रीकमृ त हहआ। प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर कवे सद्वाथ सवंलग्न रगरचद्वारर मम दवशरत एक प्रकरर मम आववेदक ककी सवंधलप्ततद्वा दशद्वारयश्री रयश्री हहै , धजसमम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा करनवे कद्वा आदवेश हको चदकद्वा हहै तथद्वा जमद्वानत आदवेश ककी प्रवत शपथपत कवे सद्वाथ सवंलग्न हग। 4. रगरचद्वारर मम अवंवकत प्रकरर कवे अवतररक प्रद्वाथरनद्वापत कवे सद्वाथ सवंलग्न शपथपत कवे प्रस्तर-9 मम अन्य ग्यद्वारह आपरद्वाधधिक प्रकररयों मम आववेदक ककी सवंधलप्ततद्वा दशद्वारयश्री रयश्री हहै, धजन सभश्री मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा करनवे कद्वा आदवेश पद्वाररत हको चदकद्वा हहै तथद्वा वह वदनद्वावंक 27.02.2024 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हहै। 5. उपरकोक पररणस्थवतययों कको दृवष्टिरत रखतवे हहए न्यद्वायद्वालय कद्वा मत हहै वक आववेदक जमद्वानत पर मदक वकयवे जद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारश्री हहै। 6. तद्नदसद्वार आववेदक कद्वा जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत स्वश्रीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 7. आववेदक फरमद्वान उफर अईयद्वा कको वनम्नधलधखत शतरवं कवे अधिश्रीन सवंबवंधधित मधजस्रटवेर/न्यद्वायद्वालय ककी सवंतदवष्टि कवे अनदसद्वार एक व्यवकरत बवंधिपत और समद्वान रद्वावश ककी दको जमद्वानतम प्रस्तदत करनवे पर उपरकोक मद्वामलवे मम जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए: - (i). आववेदक परश्रीक्षर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा वनधिद्वारररत वतधथ पर उपणस्थत रहवेरद्वा। (ii). आववेदक अवभयकोजन सद्वाक्ष्य कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेरद्वा। (iii). आववेदक अवभयकोजन पक्ष कवे रवद्वाहयों पर दबद्वाव नहहीं ण्डिद्वालवेरद्वा। 8. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसश्री कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परश्रीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानदसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 27.2.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad