Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 82599 (ALL)
RAVIKESH GUPTA v. State of UP AND ANOTHER
ABAIL/7581/2024 · 2025-07-27
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 82599 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 82599 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:126080 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 7581 of 2024 Applicant :- Ravikesh Gupta Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Prashant Kumar Singh,Satyawan Shahi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Sandeep Kumar Yadav,Shashi Ranjan Srivastava,Subhash Chandra Pandey Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक रगवकवे श गगुपमा ककी ओर सवे मगु०अ०स० 459/2024 अन्रगरर धमारमा 419/ 420/ 467/ 468/ 471/ 504/ 506 भमा.दद.सद., रमानमा गपपरमाइच, जजलमा गगोरखपगुर मम अगग्रिम जममानर पर मगुक्त करनवे हवेरगु प्रस्रगुर गकयमा गयमा हहै।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एवद गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कगो सगुनमा ररमा पत्रमावलली कमा पररशलीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रगुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरगोक्त धमारमाओद मम दवेषवश रदग व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा गयमा हहै , उसवे आशदकमा हहै गक उसवे उपरगोक्त वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध कगोई गवश्वसनलीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा प्रमारगमककी मम दगशरर उपरगोक्त धमारमाओद कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा गयमा हहै। आववेदक ककी ओर सवे यह भली आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयगोग करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हगोगली वह ईममानदमारली सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खगुद कगो उपलब्ध करमाएगमा और उन सभली शरर्दोद कगो स्वलीकमार करनवे कवे जलए भली रहैयमार हहै जगो न्यमायमालय उस पर अजधरगोगपर करवेगली।
4.
गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रगुर गकयमा गयमा गक आववेदक कगो इस न्यमायमालय ककी अन्य न्यमायपलीठ दमारमा गदनमानाँक 13.08.2024 कगो अन्रररम अगग्रिम जममानर कगु छ शरर्दोद कवे समार प्रदमान ककी गयली रली, जजसकमा आववेदक दमारमा अनगुपमालन नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै। पररवमादली कवे गवदमान अजधवक्तमा दमारमा दमाजखल प्रगरशपर पत्र मम सम्बणन्धर गवचमारर न्यमायमालय ककी आख्यमा कवे अवलगोकन गवगदर हगो रहमा हहै गक आववेदक कवे जखलमाफ एन.बली.ण्डिब्लनू ककी आदवेगशकमा गनगरर हहै।" इस प्रकमार आववेदक दमारमा पनूवर मम गदयवे गयवे अन्रररम अगग्रिम जममानर एवद जममानर कवे समार लगमायली गयली शरर्दोद कमा लगमारमार उलदघन गकयमा जमा रहमा हहै। जजससवे यह
पररलगक्षर हगो रहमा हहै गक जजससवे सत्र परलीक्षर कवे गनस्रमारर मम अनमावश्यक गवलम्ब हगो रहमा हहै। अगभयगुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध गदभलीर प्रकक गर कमा हहै इसजलए आववेदक कगो अगग्रिम जममानर पर मगुक्त गकयवे जमानवे कमा कगोई औगचत्य प्ररलीर नहहीं हगोरमा हहै अरतः अगभयगुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।अगभयगुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध गदभलीर प्रकक गर कमा हहै इसजलए आववेदक कगो अगग्रिम जममानर पर मगुक्त गकयवे जमानवे कमा कगोई औगचत्य प्ररलीर नहहीं हगोरमा हहै अरतः अगभयगुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननलीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कगो आरगोप ककी प्रकक गर और गदभलीररमा , अगभयगुक्त कमा पनूवरवकत, अगभयगुक्त कवे न्यमाय सवे भमागनवे ककी सदभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कगो अगभयगुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदपनूरर समामग्रिली कमा समावधमानलीपनूवरक मनूल्यमादकन करनमा चमागहए ररमा अगभयगुक्त ककी सटलीक भनूगमकमा कगो भली ध्यमान मम रखनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदबदधली गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादरतों कगो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान अजधवक्तमाओद कवे करनतों , आरगोपतों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभली रथ्यतों एवद पररणस्रगरयतों कगो ध्यमान मम रखरवे हहए एवद सम्पनूरर दस्रमाववेजतों कवे अवलगोकन सवे यह गवगदर हगोरमा हहै गक आववेदक दमारमा पनूवर मम गदयवे गयवे अदरररम आदवेश कमा दगुपरयगोग गकयमा जमा रहमा हहै। अरतः ममामलवे कवे गगुर -दगोष पर गबनमा कगोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वलीकमार गकए जमानवे यगोग्य नहहीं हहै, रदगुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वलीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरगोक्तमानगुसमार वमाद कवे गगुर-दगोष पर गटप्परली गकयवे बगहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै।
8.
इस वमाद मम यगद कगोई अदरररम आदवेश हगो, रगो वह स्वरतः सममाप समझमा जमाए।
9. आववेदक गनयगमर जममानर प्रमाररनमापत्र दमाजखल करनवे हवेरगु स्वरदत्र हहै। कमायमारलय कगो गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी एक प्रगरजलगप अगवलम्ब सदबदजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा सगुगनणश्चर करम। Order Date :- 28.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad