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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 82091 (ALL)
RAMKANKAN ALIAS RAJENDRA SINGH AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P.
BAIL/26773/2025 · 2025-08-04
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 82091 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:131479 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 26773 of 2025 Applicant :- Ramkankan Alias Rajendra Singh And 2 Others Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Satya Narayan Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीणर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदकगण रद्वामकवं कन उफर रद्वाजजद्र धसवंह, मसुनलीष उफर गकोललू एववं अवंकसु ल ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 146/2025, अवंतगरत धिद्वारद्वा 191(2), 326(G), 115(2), 351(3), 352 बली.एन.एस., थद्वानद्वा जखखौरद्वा, धजलद्वा लधलतपसुर मज जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा गयद्वा हहै।
3. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदकगण कको इस प्रकरण मज गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झलूठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हहै , उन्हहोंनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। प्रथम सलूचनद्वा ररपकोरर ववलणमबत हहै तथद्वा उक ववलमब कद्वा ककोई स्पषलीकरण नहहीं वदयद्वा गयद्वा हहै। प्रश्नगत प्रकरण मज आववेदकगण ककी वववशष भलूवमकद्वा ववणरत नहहीं हहै , अवपतसु अन्य सहअवभयसुकगण कवे सद्वाथ सद्वामद्वान भलूवमकद्वा कद्वा वणरन हहै। आववेदकगण कद्वा ककोई आपरद्वाधधिक इवतहद्वास नहहीं हहै। आगवे यह भली प्रस्तसुत वकयद्वा गयद्वा वक चसुरहैल कवे वचवकत्सलीय परलीक्षण आख्यद्वा कवे अनसुसद्वार चसुरहैल कको आयली चकोरज सद्वामद्वान्य प्रकक वत ककी हह। पसुननः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आववेदकगण ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हहै वक वह कद्वानलून ककी प्रवक्रियद्वा मज सहयकोग करनवे कवे धलए तहैयद्वार हह और जब भली आवश्यकतद्वा
हकोगली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्ष खसुद कको उपलब्धि करद्वाएवंगवे और उन सभली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हह जको न्यद्वायद्वालय उन पर अधधिरकोवपत करजगली। आववेदकगण वनदरष हह तथद्वा वह इस प्रकरण मज वद० 08.06.2025 सवे कद्वारद्वागद्वार मज वनरुद्ध हह। इसधलए आववेदकगण कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदकगण कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदकगण दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदकगण कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
5.
आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मज पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यहों एववं पररणस्थवतयहों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद, सबलूतहों ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रली सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरली रद्वाय मज आववेदकगण कको जमद्वानत पर मसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै।
6. अतनः वद्वाद कवे गसुण -दकोष पर वबनद्वा ककोई वरप्पणली वकए हहए आववेदकगण कको उपरकोक ववणरत अपरद्वाधि मज सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष पर व्यवकगत बवंधि-पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भली दको -दको प्रवतभलू प्रस्तसुत करनवे पर वनमनधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदकगण ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षण कवे दखौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्यहों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करजगवे। ii. आववेदकगण अवभयकोजन सद्वावक्षयहों व पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको
ण्डिरद्वायजगवे/धिमकद्वायजगवे नहहीं। iii. आववेदकगण न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशहों कद्वा पद्वालन करजगवे , ववे परलीक्षण कवे दखौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मज उपणस्थत हहोंगवे तथद्वा परलीक्षण मज ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोग करजगवे। iv. आववेदकगण जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोग नहली करजगवे और वकसली भली अपरद्वाधधिक गवतववधधि मज धलप्त नहहीं हहोंगवे न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करजगवे। v. आववेदकगण प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यहों सवे पररवचत वकसली भली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररयहों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दजगवे न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करजगवे, धजसकवे कद्वारण उन्हज न्यद्वायद्वालय मज तथ्यहों कको उजद्वागर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
7. उपरकोक शतरवं मज सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मज , परलीक्षण न्यद्वायद्वालय आववेदकगण ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 5.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad