ASHWANI ALIAS KALOO MINOR v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS
NABAIL/6180/2025 · 2025-09-22
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 81771 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6180 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक अश्वनी उफर् कालू की ओर से मु.अ.सं. 180 सन् 2025, अन्तगर्त धारा 87/ 64 बी.एन.एस. व धारा 3/4 एवं पॉक्सो एक्ट, थाना सासनी, िजला हाथरस में अिग्रम जमानत की मॉग करते हुए इस प्राथर्ना के साथ दायर िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेदक को जमानत पर िरहा िकया जा सके ।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। उनका यह भी कथन है िक पीिड़ता ने अपने अंतगर्त धारा 164 दं.प्र.सं. में कथन िकया िक उसकी उम्र 20 वषर् है। आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं रहा है और आवेदक के िवरूद्ध अभी तक कोई भी बाध्यकारी प्रिक्रया नहीं अपनाई गयी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देता है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय द्वारा अपेिक्षत समय पर उपिस्थत रहेगा एवं आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।
4. पिरवादी के िवद्वान एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा अिभयुक्त के अिग्रम जमानत के िवरोध में यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है। मामले के तथ्य एवं पिरिस्थितयों को दृिष्टगत रखते हुये अिभयुक्त को अिग्रम जमानत पर िरहा िकये जाने का पयार्प्त अधार नहीं है। अतः अिभयुक्त को अिग्रम जमानत पर न छोड़ा जाये।
5.
यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा यह अवधािरत िकया गया है िक अिग्रम जमानत यािचका पर न्याय-िनणर्यन करते समय न्यायालय को आरोपों की प्रकृ ित और गंभीरता, आरोपी की न्याियक प्रिक्रया से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए और यह िक न्यायालय को आरोपी के िवरूद्ध उपलब्ध सभी सामग्री का Versus Counsel for Applicant(s) : Anshu Singh, Hemendra Pratap Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Pramod Kumar Dwivedi Ashwani Alias Kaloo Minor .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
सावधानी से मूल्यांकन करना चािहए और आरोपी की वास्तिवक भूिमका पर भी िवचार करना चािहए।
6. उभय पक्ष के तकोर्ं एवं वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए अिग्रम जमानत की प्राथर्ना स्वीकार िकए जाने योग्य है। तद्नुसार अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकया जाता है।
7.
उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में सिम्मिलत आवेदक की िगरफ्तारी की दशा में, उसे संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर रू० 50,000/- का व्यिक्तगत बंध पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर, सत्र परीक्षण के िनस्तारण तक िनम्न शतोर् के अधीन अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगा :- 1- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो िवचारण न्यायालय के समक्ष अपेिक्षत समय पर उपिस्थत रहेगा। 2- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। 3- आवेदक िवचारण के दौरान सहयोग करेगा और जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नहीं करेगा। उपरोक्त शतोर् के उल्लंघन की िस्थित में िववेचनािधकारी/अिभयोजन पक्ष को, आवेदक को प्रदत्त अिग्रम जमानत के िनरस्तीकरण हेतु उपयुक्त आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता होगा।
8. तद्नुसार यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र उपरोक्त िटप्पिणयों के साथ अंितम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। September 23, 2025 S.Mishra NABAIL No. 6180 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad