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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 81687 (ALL)
DIVYA AGNIHOTRI ALIAS DIVYA TRIPATHI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/6271/2025 · 2025-08-05
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 81687 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:133024 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6271 of 2025 Applicant :- Divya Agnihotri Alias Divya Tripathi Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Rajesh Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेगदकमा गदव्यमा अगग्निहहोतत्री उरर गदव्यमा गतपमाठत्री ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 73 सनन् 2025, अन्रररर धमारमा 70(1)/ 316(2)/ 318(4)/ 61(2) बत्री.एन.एस., रमानमा नवमाबरसंज, जजलमा कमानपमुर नरर मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारत्री ककी णसरगर मम आववेगदकमा कहो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेगदकमा कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कहो समुनमा ररमा पतमावलत्री कमा पररशत्रीलन गकयमा।
3. आववेगदकमा कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै, उसवे उपरहोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरहोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कहोई गवश्वसनत्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। पत्रीगड़िरमा गकसत्री दमुष्प्रवेरर कवे षण्डियसंत मम गकसत्री व्यगक कवे समार सणममजलर नहहीं हहई हहै। उनकमा यह भत्री करन हहै गक आववेगदकमा कमा कहोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभत्री रक कहोई भत्री बमाध्यकमारत्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयत्री हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेगदकमा गवचमारर और जजॉच कवे ददौरमान सहयहोर करनवे कमा वचन दवेरत्री हहै गक वह जजॉच एजमसत्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरत्री एवसं आववेगदकमा ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयहोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भत्री आवश्यकरमा हहोरत्री वह ईममानदमारत्री सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कहो उपलब्ध करमाएरत्री और उन सभत्री शरर्दोसं कहो सवत्रीकमार करनवे कवे जलए भत्री रहैयमार हहै जहो न्यमायमालय उस पर अजधरहोगपर करवेरत्री।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरहोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेगदकमा दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभत्रीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कहो दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुकमा कहो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे
कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुकमा कहो अगग्रिम जममानर पर न छहोड़िमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननत्रीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कहो आरहोपयों ककी प्रकक गर और रसंभत्रीररमा, आरहोपत्री ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कहो आरहोपत्री कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभत्री समामग्रित्री कमा समावधमानत्री सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरहोपत्री ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भत्री गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधत्री गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरयों कहो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों, आरहोपयों ककी प्रकक गर, आववेगदकमा ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभत्री रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कहो ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दहोष पर गबनमा कहोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवत्रीकमार गकए जमानवे यहोग्य हहै।
7. रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवत्रीकमार गकयवे जमानवे यहोग्य हहै।
8. उपरहोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारत्री ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारत्री ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसत्री धनरमागश कवे दहो प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे पर , पमुजलस दमारमा आरहोप पत दमाजखल हहोनवे रक गनमन शरर्दोसं कवे अधत्रीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेगदकमा, यगद आवश्यक हहोरमा रहो पमुजलस अजधकमारत्री दमारमा जजॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरत्री। 2- आववेगदकमा ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसत्री व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररययों कहो प्रत्यक्षि यमा परहोक्षि रूप सवे कहोई धमककी , वमादमा यमा प्रलहोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कहो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसत्री पमुजलस अजधकमारत्री कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेगदकमा गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे ददौरमान सहयहोर करमरवे और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दमुरूपयहोर नहहीं करवेरत्री। उपरहोक शरर्दोसं कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारत्री /अगभयहोजन पक्षि कहो, आववेगदकमा कहो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरत्रीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा
हहोरमा।
9.
रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरहोक गटप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 6.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad