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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 80910 (ALL)
RAMESH KUMAR @ CHHOTE PATEL v. STATE OF UP
BAIL/26867/2025 · 2025-08-04
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 80910 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:131279 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 26867 of 2025 Applicant :- Ramesh Kumar @ Chhote Patel Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rakesh Pandey,Shishir Tandon Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक Ramesh Kumar @ Chhote Patel ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 386/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 316(2), 352, 351(2), 115(2), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बली.एन.एस., थद्वानद्वा वबन्दककी, धजलद्वा फतवेहपसुर मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हहै।
3.
आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भली कक त्य कद्वाररत नहहीं वकयद्वा रयद्वा हहै, जहैसद्वावक प्रद्वाथवमककी मम दवशरत वकयद्वा रयद्वा हहै। वतरमद्वान वद्वाद पझूररततः दलीवद्वानली प्रकक वत कद्वा हहै, वकन्तसु जद्वान-बझूझकर इसवे आपरद्वाधधिक रूप वदयद्वा रयद्वा हहै। फमर दद्वारद्वा वकसद्वाननों सवे खरलीदवे रयवे अनद्वाज कद्वा भसुरतद्वान पहलवे हली नकद यद्वा आरटलीजलीएस कवे जररए वकयद्वा जद्वा चसुकद्वा हहै। सझूचनद्वाकतद्वार एक अन्य मसु०अ०सवं० 343/2024 मम रवद्वाह हहै, धजसकवे दद्वारद्वा वतरमद्वान प्रद्वाथवमककी दजर करद्वायली रयली हहै , धजससवे भली यह पररलवक्षित हहै वक आववेदक कको वमथ्यद्वा रूप सवे अवभयसुक बनद्वायद्वा रयद्वा हहै। वकसली भली वकसद्वान नवे यह कथन नहहीं वकयद्वा हहै वक उन्हनोंनवे आववेदक कको मद्वाल ककी आपझूवतर ककी हहै और उसवे आववेदक नवे प्रद्वाप्त वकयद्वा हहै, जबवक कसु छ वकसद्वाननों नवे स्पष रूप सवे कहद्वा हहै वक उमवेश रसुप्तद्वा , मसुनलीम रवव वतपद्वाठली और वदनवेश कसु मद्वार रद्वावंधिली नवे
अनद्वाज प्रद्वाप्त वकयद्वा हहै और रसलीदम भली प्रदद्वान ककी हह। आववेदक ककी उक वद्वाद मम ककोई भझूवमकद्वा नहहीं बतद्वायली रयली हहै। इसली तरह कवे अन्य मसु०अ०सवं० 373/2024 एववं 343/2024 मम भली आववेदक कको अवभयसुक बनद्वायद्वा रयद्वा हहै, धजनमम आववेदक ककी जमद्वानत पझूवर मम इसली न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 19066/2025 एववं 24040/2025 कको वभन्न वतधथयनों कको स्वलीकक त ककी जद्वा चसुककी हहै। आववेदक दद्वारद्वा अपनवे पझूवर कवे आपरद्वाधधिक इवतहद्वास कको शपथपत कवे प्रस्तर सवं० 33 मम स्पष वकयद्वा रयद्वा हहै। पसुनतः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा रयद्वा हहै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आवश्यकतद्वा हकोरली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्षि खसुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करवेरली। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 03.01.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
4.
ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
5. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यनों एववं पररणस्थवतयनों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबझूतनों ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रली सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरली रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै।
6. अततः वद्वाद कवे रसुर-दकोष पर वबनद्वा ककोई वटप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष पर व्यवकरत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भली दको प्रवतभझू प्रस्तसुत करनवे पर वनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षिर कवे ददौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्यनों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अवभयकोजन सद्वावक्षियनों व पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशनों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परलीक्षिर कवे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परलीक्षिर मम ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोर नहली करवेरद्वा और वकसली भली अपरद्वाधधिक रवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यनों सवे पररवचत वकसली भली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररयनों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यनों कको उजद्वारर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
7. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परलीक्षिर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 5.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad