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2025:CGHC:7673
NAFR HIGH COURT OF CHHATTISGARH AT BILASPUR WPS No. 1181 of 2025
1. Smt. Prembai Khare W/o Shri Sunil Khare Aged About 38 Years Service-Cook/contingency Employee Govt. Pre Matric Scheduled Caste Girls Hostel Navagarh/amoda Niwasi- Village- Navagarh, District- Janjgir-Champa (C.G.). 2. Gayatri Chandane W/o Shri Omprakash Chandane Aged About 34 Years Service-Cook/contingency Employee Govt. Pre Matric Scheduled Caste Girls Hostel Amoda/kutra, Niwasi- Village- Kutra, Vikaskhand- Navagarh District- Janjgir-Champa (C.G.)
... Petitioner(s) versus
1. State Of Chhattisgarh Through Secretary, Aadim Jati Tatha Anusuchit Jati Vikas Vibhag, Mantralaya Naya Raipur (C.G.). 2. Aayukt Aadim Jati Tatha Anusuchit Jati Vikas, Raipur District- Raipur (C.G.). 3. Sahayak Aayukt Aadiwasi Vikas Janjgir Champa District Janjgir- Champa (C.G.). 4. Collector, District- Janjgir-Champa (C.G.)
... Respondent(s) Digitally signed by RAGHVENDRA JAT
2 For Petitioner(s) : Mr. Abdul Moin Khan, Advocate. For Respondent(s)/State : Ms. Akanksha Verma, Panel Lawyer. Hon’ble Mr. Justice Amitendra Kishore Prasad Order on Board 13/02/2025
1. मामले के संቌኌ ् तथ्य यह हैं की याቌኌकगण उ्ቈरवादीगण के अधीनस्थ दैनिनक
मजदूर /
सफाई कम% /
रसोइया के पद पर व्ቧ* 2022
से अनवरत् काय*रत रहे है।
जिजन्हें जनवरी 2025
से छा्ቔावास बंद होना बताकर मौखि5क आदेश देकर काम पर
नहीं र5ा जा रहा है,
िሗकतु उसके बाद भी याቌኌकगण अपने अपने पद स्थापना स्थान
पर अभी भी काम कर रहे है,
याቌኌकगण को निनयु्ሹ निकये जाने के समय उन्हें निकसी
्ቚकार का निनयुनि्ሹ प्ቔ जारी नहीं निकया गया था य्ቕनिप उ्ቈरवादी कमांक 03 के ्ቛारा
उनके आवेदनप्ቔों पर काय*/
निनयुनि्ሹ बाबत् ले5ब्ቍ निकया गया था,
जबनिक काम से
निनकालने पर निकसी ्ቚकार का कोई खिलखि5त आदेश भी नहीं निदया जा रहा है.
याቌኌकगण से पूव* में भी काम लेने के बाद भी अब तक लगभग 17-17
माह का वेतन /
मजदूरी का भी भुगतान नहीं निकया गया है। अब जबनिक याቌኌकगण की उ् भी
अቌኌधक हो गई है और उन्हें अन्य्ቔ काम भी नहीं निमलेगा ऐसी निवपरीत परिरቝኌस्थቌኌत में
उन्हें एकाएक सेवा से निनकाल निदये जाने से याቌኌकगण का भनिवष्य अंधकारमय हो
गया है,
उनके परिरवार के सामने जीनिवकोपाज*न की समस्या उत्प्ቐ हो गई है। जबनिक
याቌኌकगण को कई व्ቧK तक सेवा में र5ने के कारण उनकी सेवा स्थायी ्ቚकृ ቌኌत की
ही मानी जावेगी,
याቌኌकगण ्ቇामीण एवं अत्यቌኌधक गरीब परिरवार के है। वत*मान में भी
उ्ቈरवादीगण के अቌኌधनस्थ तुथ* वग* कम% संबंधी काफी पद भी रिर्ሹ है एवं दैनिनक
काय* भी है जिजसमें याቌኌकगण को लगाया जा सकता है परंतु उसके बाद भी
याቌኌकगण को निवቌኌधवत काम पर नहीं र5ा जा रहा है। समान तथ्यों व ्ቚकृ ቌኌत की
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अन्य याቌኌका में माननीय न्यायालय के ्ቛारा भी W.P. (S) No.70/2025 में आदेश
निदनाँक 23. 01.2025
को पारिरत निकया गया था । िሗकतु उसके बाद भी याቌኌकगण
को पूव*वत काम पर भी नही र5ा जा रहा है जिजससे याቌኌकगण एवं उनका परिरवार
अत्यቌኌधक अभिभ्ቔस्त हो रहा है,
इसखिलए यह याቌኌका न्याय हेतु सादर ्ቚस्तुत है।
यቌኌकाकता* ्ቛार निनम्न अनुतो्ቧो की मांग की गई है :
“10.1
यह निक उ्ቈरवादी कमांक 03
को निनदQभिशत निकया
जावे निक उसके अቌኌधनस्थ पूव* के व्ቧK में काय*रत समस्त
वतुथ*वग* /
रसोइया पद में काय*रत कलैक्टर दर पर निनयु्ሹ
दैनिनक कኌमयों की सम्पूण* सूी व अन्य संबंቌኌधत समस्त
अभिभले5 माननीय न्यायालय के सम ्ቚस्तुत करें। 10.2
यह निक,
उ्ቈरवादीगण को निनदQभिशत निकया जावे निक वे
याቌኌकगण को पूव*वत दैनिनक मजदूर के काम पर र5ें। 10.3
यह निक उ्ቈरवादीगण को निनदQभिशत निकया जावे निक वे
याቌኌकगण को सेवा अवቌኌध के समस्त बकाया लाभ वेतन
का अनिवलंब भुगतान सुनिनቌኌUत करें। 10.4
यह निक,
अन्य अनुतो्ቧ जो माननीय न्यायालय
उቌኌत समझे उ्ቈरवादीगण से याቌኌकगण को निदलाया जावें।"
2. याቌኌकाकता* के निव्ቛान अቌኌधव्ሹा
का कहना है निक याቌኌकाकता* ने 22.08.2022
को ्ቚቌኌतवादी ्ቅ. 3
के सम एक अभ्यावेदन दायर निकया है। याቌኌकाकता* सीनिमत
राहत की मांग कर रहा है निक ्ቚቌኌतवादी ्ቅ. 3
को याቌኌकाकता* ्ቛारा ्ቚस्तुत
अभ्यावेदन पर निनኌद्ቖ समय के भीतर निनण*य लेने का निनदQश निदया जाए।
3. शासन के निव्ቛान अቌኌधव्ሹा का कहना है निक याቌኌकाकता* ्ቛारा 22.08.2022 को
्ቚस्तुत अभ्यावेदन पर निनण*य लेने के खिलए ्ቚቌኌतवादी ्ቅ.
3
को निनदQश देने के संबंध में
याቌኌकाकता* ्ቛारा मांगी गई सीनिमत ्ቚाथ*ना पर उन्हें कोई आपखि्ቈ नहीं है।
4
4. यቌኌकाकता* के अቌኌधव्ሹा एवं उ्ቈरवादी शासन के अቌኌधव्ሹा की सुनवाई एवं यቌኌका
के अभिभले5ो का अवलोकन निकया गया ।
5. याቌኌकाकता* को निनदQभिशत निकया जाता है निक वो अपने भिशकायतों और अनुतो्ቧों के
संबंध में अपना अभ्यावेदन संबंቌኌधत अቌኌधकारी/
उ्ቈरवादी ्ቅ. 2
से 4
के सम
आदेश की ्ቚቌኌत व इस याቌኌका सनिहत समस्त दस्तावेज़ के साथ आदेश निदनांक से 10
निदनों के भीतर पुन:
्ቚस्तुत करे एवं उ्ቈरवादीगण को यह निनदQभिशत निकया जाता है
निक वह याቌኌकाकता* के अभ्यावेदन पर उቌኌत परिरशीलन कर के एवं उसमे निननिहत
भिशकायत का उቌኌत निनराकरण करते हुए याቌኌकाकता* को ाहे गए अनुतो्ቧ नए
सम्मत आदेश ्ቛारा पारिरत करे।
6. ्ሺात हो निक इस न्यायालय ने ्ቚकरण के गुण -
दो्ቧ का निनराकरण नहीं निकया है
उ्ቈरवादीगण न्याय सम्मत आदेश पारिरत करने हेतु स्वतं्ቔ है। उ्ቈरवादी ्ቅ. 2 से 4, 45
निदनों के भीतर याቌኌकाकता* को संबंቌኌधत अभ्यावेदन के बारे में निनराकृ त कर के
सूቌኌत करेंगे ।
7. उपरो्ሹ निनदQश के साथ इस रिरट याቌኌका निनराकृ त की जाती है ।
Sd/-
Sd/-
(Amitendra Kishore Prasad) Judge Raghu Jat