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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 80583 (ALL)
RAHUL TIWARI AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/6097/2025 · 2025-07-30
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 80583 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:128140 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6097 of 2025 Applicant :- Rahul Tiwari And Another Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Sharique Ahmed Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा शदी पदवाकरि पवाण्डकेय ककी तरिफ सके आज वकवालतनवामवा दवाधखिल वकयवा गयवा, धजसके पतवावलदी परि रिखिवा जवाय।
2. वतरमवान दवाणण्डक प्रककीरर अवग्रिम जमवानत प्रवाररनवा पत आवकेदकगर Rahul Tiwari and Sparling Devi @ Sonam ककी ओरि सके ममु०अ०स० 75/2025, अन्तगरत धिवारिवा 80(2), 85 बदी.एन.एस. एववं धिवारिवा 3/4 डदी.पदी. एक्ट, रवानवा गगोवववंद नगरि, धजलवा कवानपमुरि नगरि मम अवग्रिम जमवानत परि ममुक करिनके हकेतमु प्रस्तमुत वकयवा गयवा हहै।
3. सवंककेप मम अवभियगोजन करनवाक इस प्रकवारि हहै वक ववाददी नके यह तहरिदीरि वदयवा वक ववाददी नके अपनदी बहन कवा ववववाह वहमवावंशशू ददीवकत कके सवार वदनवावंक 25.02.2025 कगो दवान-दहकेज दकेकरि वकयवा रवा। ववववाह कके बवाद सके ससमुरिवालदीजन कम दहकेज लवानके कवा तवानवा दकेकरि गवालदी -गललौज करि मवारिपदीट करितके रके औरि कहतके रके वक अपनके मवायकके सके पवावंच लवाखि रुपयके दहकेज औरि लकेकरि आओ, वहमवावंशशू कगो व्यवापवारि करिनवा हहै। बहन कके बतवानके परि ववाददी तरवा घरि ववालके अवतररिक रुपयके दकेनके मम असमररतवा जवावहरि वकयके, धजस परि वहमवावंशशू तरवा उसकके मवातवा -वपतवा बगोलके पवावंच लवाखि रुपयके जल्द दगो नहहीं तगो तमुम्हवारिदी बहन कगो जवान सके मवारि दमगके। कमु छ समय बवाद वहमवावंशशू अपनके पररिववारि कके सवार मवातवा-वपतवा कगो लकेकरि नलौरिहैयवा खिकेडवा, दवादवानगरि मम वकरिवायके कवा मकवान लकेकरि रिवाहहल व सगोनम कके सवार रिहनके लगवा। वदनवावंक 01.03.2025 कगो
09 बजके रिवावत वहमवावंशशू व उसकके घरिववाललों नके एववं वहवावं रिवाहहल एववं उसककी पत्नदी सगोनम नके एकसवार वमलकरि पहैसके न लवानके ककी वजह सके ममृतकवा कगो अत्यधधिक मवारिवा-पदीटवा तरवा बगोलके 5 लवाखि रुपयके दहकेज मवंगवाओवं नहहीं तगो तमुम्हम जवान सके मवारि दमगके। ममृतकवा नके मनवा करि वदयवा , तगो वहमवावंशशू नके अपनके मवातवा -वपतवा शदीमतदी मदीनवा औरि ददीनकेश चवंद्र ददीवकत औरि दगोस्त रिवाहहल व उसककी पत्नदी (सगोनम) कके सवार वमलकरि जहरि धखिलवाकरि हत्यवा करि ददी। ममृतकवा नके ममृत्यमु पशूवर सवारिदी बवात ववाददी कगो मगोबवाइल फगोन सके बतवायदी।
4. आवकेदकगर कके ववदवान अधधिवकवा, पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एववं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा शदी चवंदन धसवंह, रिवाजमद्र धसवंह कगो समुनवा तरवा पतवावलदी कवा पररिशदीलन वकयवा।
5.
आवकेदकगर कके ववदवान अधधिवकवा नके तकर प्रस्तमुत वकयवा वक आवकेदकगर वनदर्दोष हह, उन्हम उपरिगोक धिवारिवाओवं मम दकेषवश तवंग व परिकेशवान करिनके ककी वनयत सके आधलप्त वकयवा गयवा हहै , उन्हम आशवंकवा हहै वक उन्हम उपरिगोक ववररत मवामलके मम वगरिफ्तवारि वकयवा जवा सकतवा हहै , जबवक उनकके ववरूद्ध कगोई ववश्वसनदीय सवाक्ष्य नहहीं हहै। आवकेदकगर दवारिवा प्रवारवमककी मम दवशरत उपरिगोक धिवारिवाओवं कवा अपरिवाधि कवाररित नहहीं वकयवा गयवा हहै। आवकेदकगर दवारिवा ऐसवा कगोई भिदी कमृ त्य कवाररित नहहीं वकयवा गयवा हहै, जहैसवावक प्रवारवमककी मम दवशरत वकयवा गयवा हहै। प्रवारवमककी ववलणम्बत हहै तरवा उक ववलम्ब कवा कगोई सममुवचत स्पषदीकरिर नहहीं वदयवा गयवा हहै। आवकेदकगर वतरमवान ववाद मम ममृतकवा कके न तगो ररिश्तकेदवारि हह, न हदी उसकके पररिववारि कके सदस्य हह। आवकेदकगर कके वल ममृतकवा ककी शवाददी करिवानके ववालके मध्यस्र हह। आवकेदकगर दवारिवा ममृतकवा कगो वकसदी भिदी प्रकवारि सके दहकेज हकेतमु शवारिदीररिक अरववा मवानधसक रूप सके प्रतवावडत व परिकेशवान नहहीं वकयवा गयवा हहै। आवकेदकगर ककी ओरि सके यह भिदी आश्ववासन वदयवा गयवा हहै वक वके कवानशून ककी प्रवक्रियवा मम सहयगोग करिनके कके धलए तहैयवारि हह औरि जब भिदी आवश्यकतवा हगोगदी वके ईमवानदवारिदी सके न्यवायवालय कके समक खिमुद कगो उपलब्धि करिवाएवंगके औरि उन सभिदी शतर्दोवं कगो स्वदीकवारि करिनके कके धलए भिदी तहैयवारि हह जगो न्यवायवालय उस परि अधधिरिगोवपत करिकेगदी।
6. पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एववं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा दवारिवा यह तकर प्रस्तमुत वकयवा गयवा वक आवकेदकगर दवारिवा कवाररित अपरिवाधि गवंभिदीरि प्रकमृ वत कवा हहै। आवकेदकगर दवारिवा ममृतकवा कगो सल्फवास धखिलवातके समय ममृतकवा कवा हवार -पहैरि पकडवा गयवा रवा, धजससके घटनवास्रल परि आवकेदकगर ककी उपणस्रवत पररिलवकत हगोतदी हहै। आवकेदकगर एववं अन्य सह -अवभियमुकलों नके ममृतकवा कगो दहकेज कके धलए सल्फवास धखिलवाकरि जवान सके मवारि डवालवा हहै , धजसमवा समररन ववाददी दवारिवा अपनके बयवान मम वकयवा गयवा हहै। आवकेदकगर कके ववरुद्ध पयवारप्त सवाक्ष्य कके आधिवारि परि वववकेचक नके सवंबवंधधित न्यवायवालय मम आरिगोप पत प्रकेवषत वकयवा हहै। ममृतकवा नके ममृत्यमु पशूवर अपनके भिवाई कगो मगोबवाइल परि फगोन वकयवा रवा, धजसमम उसनके आवकेदकगर दवारिवा प्रतवावडत करिनके एववं सल्फवास धखिलवानके कवा स्पष अवभिकरन वकयवा हहै। पगोस्टमवाटरम कके अनमुसवारि ममृतकवा ककी ममृत्यमु अस्ववाभिवाववक रूप सके हहई हहै। वववकेचक दवारिवा ममृतकवा तरवा ववाददी कके मध्य हहई टकेलदीफगोवनक ववातवार कवा उलकेखि सदी .डदी.
13 कके पकेज 4 मम वकयवा हहै, जगो धिवारिवा 63 ग भिवारितदीय सवाक्ष्य अधधिवनयम सके प्रमवावरत हहै, धजसमम ममृतकवा दवारिवा अपनके भिवाई/ववाददी कगो घटनवा कके ववषय मम बतवानवा तरवा जहरि धखिलवानवा कवा भिदी स्पष अवभिकरन वकयवा हहै, धजससके आवकेदकगर कके ववरुद्ध उक आरिगोवपत धिवारिवाओवं कवा अपरिवाधि बनतवा पररिलवकत हगो रिहवा हहै , इसधलए आवकेदकगर कगो अवग्रिम जमवानत परि ममुक वकयके जवानके कवा कगोई औवचत्य प्रतदीत नहहीं हगोतवा हहै। अततः आवकेदकगर कवा अवग्रिम जमवानत आवकेदन पत वनरिस्त वकयवा जवाय।
7. यह कहवा जवा सकतवा हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कके मवामलके मम मवाननदीय उच्चतम न्यवायवालय नके मवानवा हहै वक अवग्रिम जमवानत परि वनररय करितके समय न्यवायवालय कगो आरिगोप ककी प्रकमृ वत औरि गवंभिदीरितवा, अवभियमुक कवा पशूवरवमृत, अवभियमुक कके न्यवाय सके भिवागनके ककी सवंभिवावनवा परि ववचवारि करिनवा चवावहए तरवा न्यवायवालय कगो अवभियमुक कके ववरुद्ध उपलब्धि सवंपशूरर सवामग्रिदी कवा सवावधिवानदीपशूवरक मशूल्यवावंकन करिनवा चवावहए तरवा अवभियमुक ककी सटदीक भिशूवमकवा कगो भिदी ध्यवान मम रिखिनवा चवावहए।
8. वतरमवान मवामलके मम अवग्रिम जमवानत सवंबवंधिदी ववधधि कके स्रवावपत धसद्धवावंतलों कगो
ध्यवान मम रिखितके हहए औरि पककवारिलों कके ववदवान अधधिवकवाओवं कके करनलों , आरिगोपलों ककी प्रकमृ वत , आवकेदकगर ककी भिशूवमकवा औरि मवामलके कके सभिदी तथ्यलों एववं पररिणस्रवतयलों कगो ध्यवान मम रिखितके हहए प्ररमदृषयवा आवकेदकगर कके ववरुद्ध उपरिगोक आरिगोवपत धिवारिवाओवं कवा अपरिवाधि बनतवा पररिलवकत हगो रिहवा हहै , अततः मवामलके कके गमुर-दगोष परि वबनवा कगोई ववचवारि व्यक वकए यह अवग्रिम जमवानत आवकेदन पत स्वदीकवारि वकए जवानके यगोग्य नहहीं हहै , तद्नमुसवारि आवकेदकगर कवा अवग्रिम जमवानत आवकेदन पत अस्वदीकवारि वकयवा जवातवा हहै।
9. उपरिगोकवानमुसवारि ववाद कके गमुर-दगोष परि वटप्परदी वकयके बगहैरि यह अवग्रिम जमवानत प्रवाररनवापत वनरिस्त वकयवा जवातवा हहै।
10. कवायवारलय कगो वनदरवशत वकयवा जवातवा हहै वक इस आदकेश ककी एक प्रवतधलवप अववलम्ब सवंबवंधधित ववचवारिर न्यवायवालय कके भिकेजनवा समुवनणश्चत करिम। Order Date :- 31.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad