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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 80210 (ALL)

PANKAJ v. STATE OF U.P.

BAIL/26055/2025 · 2025-08-12

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:138076 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 26055 of 2025 Applicant :- Pankaj Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ratnesh Kumar Shukla,Shikhar Tandon Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शश्री चवंदन धसवंह कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा पररशश्रीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक पवंकज ककी ओर सवे मसु०अ०स० 151/2025, अन्तररत धिद्वारद्वा 333, 352, 115(2), 110, 118(2) बश्री.एन.एस., थद्वानद्वा हद्वापसुड़ नरर , धजलद्वा हद्वापसुड़ मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हहै। 3. सवंकवेप मम अवभियकोजन कथद्वानक इस प्रकद्वार हहै वक वद्वादश्री मसुकदमद्वा नवे वदनद्वावंक 17.03.2025 कको इस आशय ककी प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर दजर करद्वायश्री रयश्री वक वदनद्वावंक 13.03.2025 कको समय करश्रीब 9.30 बजवे रद्वावत उसकवे बवेरवे ससुहवेल कवे सद्वाथ ममौहलवे कवे पवंकज पसुत बद्वालवेश व 2 अजद्वात व्यणकक्त्तिययों कवे सद्वाथ वद्वादश्री कवे घर मम घसुस आयद्वा और आतवे हश्री रवंदश्री -रवंदश्री रद्वाधलयद्वावं दवेकर मद्वारपश्रीर करनवे लरवे तथद्वा वद्वादश्री ककी पसुतश्री जवेबद्वा कवे सद्वाथ उक लकोरयों नवे अजद्वात ठकोस चश्रीज सवे आवंख मम मद्वार वदयद्वा, धजससवे जवेबद्वा ककी आवंख लहहलसुहद्वान हको रयश्री तथद्वा बवेहकोश हकोकर वरर रयश्री। जवेबद्वा कको रम्भिश्रीर णस्थवत मम एम्स वदलश्री मम भितर्ती वकयद्वा रयद्वा। 4. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्ती ढवंर सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भिश्री कक त्य कद्वाररत नहहीं वकयद्वा रयद्वा हहै, जहैसद्वावक प्रद्वाथवमककी मम दवशरत वकयद्वा रयद्वा हहै। प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर ववलणम्बत हहै तथद्वा उक ववलम्ब कद्वा ककोई समसुवचत स्पषश्रीकरर नहहीं वदयद्वा रयद्वा हहै। घरनद्वा कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाकश्री नहहीं हहै। चसुरहैल कवे बयद्वानयों एववं अवभियकोजन कथद्वानक मम परस्पर ववरकोधिद्वाभिद्वास हहै। आववेदक वनदर्दोष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 22.03.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। 5. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल ववरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा अन्य सह -अवभियसुकयों कवे सद्वाथ उसकवे घर पर मद्वारपश्रीर ककी तथद्वा ठकोस वस्तसु सवे चसुरहैल ककी आआँख पर मद्वार वदयद्वा , धजससवे उसकद्वा आवंख ककी रकोशनश्री पसूरर रूप सवे चलश्री रयश्री। चसुरहैल नवे अपनवे बयद्वान मम स्पष कथन वकयद्वा हहै वक आववेदक दद्वारद्वा हश्री वकसश्री ठकोस वस्तसु सवे उसककी आआँख पर प्रहद्वार वकयद्वा रयद्वा। वचवकत्सश्रीय परश्रीकर आख्यद्वा सवे अवभियकोजन कथद्वानक कद्वा पसूरर समथरन हको रहद्वा हहै तथद्वा वतरमद्वान वद्वाद कको कद्वाररत वकयवे जद्वानवे मम मसुख्य भिसूवमकद्वा वतरमद्वान आववेदक ककी हश्री दवशरत ककी रयश्री हहै। आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंजवेय एववं रम्भिश्रीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाए। 6. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कवे तकर्दोवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलश्री पर उपलब्धि सद्वाक्ष्ययों कवे आधिद्वार पर प्रथमदृषयद्वा यह स्पष हहै वक आववेदक दद्वारद्वा चसुरहैल ककी आआँख पर प्रहद्वार वकयद्वा रयद्वा, धजससवे उसककी आआँख ककी रकोशनश्री चलश्री रयश्री तथद्वा उक घरनद्वा कको कद्वाररत वकयवे जद्वानवे मम मसुख्य भिसूवमकद्वा वतरमद्वान आववेदक ककी हश्री दवशरत ककी रयश्री हहै, धजससवे आववेदक कवे ववरुद्ध उपरकोक आरकोवपत धिद्वारद्वाओवं कद्वा अपरद्वाधि बनतद्वा पररलवकत हको रहद्वा हहै। अततः आववेदक कको जमद्वानत पर मसुक वकए जद्वानवे कद्वा ककोई औवचत्य नहहीं हहै तथद्वा यह जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत वनरस्त वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 7. उपरकोकद्वानसुसद्वार वद्वाद कवे रसुर -दकोष कको प्रभिद्वाववत वकयवे बरहैर यह जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत वनरस्त वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 13.8.2025/Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad