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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 80164 (ALL)
TASLEEM AHMAD v. STATE OF U.P.
BAIL/26211/2025 · 2025-08-05
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 80164 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:133257 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 26211 of 2025 Applicant :- Tasleem Ahmad Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Gyanendra Prakash Srivastava,Raj Deepak Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रसललीम अहमद ककी ओर सवे ममु०अ०स० 386/2025, अन्रररर धमारमा 308(5)/ 3(5)/ 319/ 317(2) बली.एन.एस, रमानमा बमाबांसरमाबांव, जजलमा रगोरखपमुर मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एवबां कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कगो समुनमा ररमा पतमावलली कमा पररशलीलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे पपूरकशपर पत दमाजखल ककयमा उसवे पतमावलली पर रखमा जमाए।
4.
आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कगो इस प्रकरर मम रलर एवबां फजर्जी ढबांर सवे झपूठमा फबां समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। प्ररम सपूचनमा ररपगोरर अजमार मम दजर हहै ररमा घरनमा कमा कगोई प्रत्यक्षदशर्जी समाक्षली नहहीं हहै। प्ररम सपूचनमा ररपगोरर ममात धमारमा 308 (5) बली०एन०एस० मम अबांककर ककी रई। प्ररम सपूचनमा ररपगोरर कवे अवलगोकन सवे यह स्पष्ट हहै कक घरनमा मम वमाकदनली ममुकदममा कवे अनमुसमार शमाकमल लगोर कहजडमा मकहलमा कवे रूप मम आई रली ररमा घरनमा मम ककसली पमुरूष व्यकक्त कवे सबांजलप्तरमा कवे बमारवे मम कगोई बमार नहहीं बरमाई रई हहै जजससवे स्पष्ट हहै कक घरनमा मम प्रमारर्जी यमा कगोई अन्य पमुरुष शमाकमल नहहीं रमा। प्रमारर्जी कवे पमास सवे ककसली भली प्रकमार कवे जवेवर ककी कगोई बरमामदरली नहहीं हहै ररमा प्रमारर्जी कवे पमास सवे 750/-रू० नरद व एक मगोबमाईल VIVO Company कमा कमलनमा बरमायमा रयमा हहै जगो प्रमारर्जी कमा हहै ररमा इसकवे अकरररक्त एक भली समाममान ककी बरमामदरली प्रमारर्जी कवे पमास सवे नहहीं बरमाई जमारली हहै। ररमाकजरर बरमामदरली पपूरररूप सवे मनरढ़न्र व फजर्जी हहै ररमा प्रमारर्जी कवे पमास सवेचगोरली कमा कगोई शय बरमामद नहहीं हहै। जबककपमुजलस दमारमा जगो बरमामदरली स्रल बरमायमा रयमा हहै यह चलरमा हहआ रमास्रमा हहै जहमाबां आस -पमास कई दमुकमानवे हह कफर भली उक्त स्रल पर बरमामदरली यमा कररफ्रमारली कमा कगोई प्रत्यक्षदशर्जी समाक्षली नहहीं हहै। पमुननः उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानपून ककी प्रकक्रियमा मम सहयगोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हगोरली वह ईममानदमारली सवे अदमालर कवे समक्ष खमुद कगो उपलब्ध
करमाएरमा और उन सभली शरतों कगो स्वलीकमार करनवे कवे जलए भली रहैयमार हहै जगो न्यमायमालय उस पर अजधरगोकपर करवेरली। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 29.06.2025 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कगो जममानर पर छगोड कदयमा जमाय।
5.
कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरगोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सबांजवेय एवबां रबांम्भलीर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कगो जममानर पर न छगोडमा जमायवे।
6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोबां कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवबां पररणस्रकरयतों कमा समग्र रूप सवे अवलगोकन करनवे कवे बमाद , सबपूरतों ककी प्रकक कर और ककसली भली ठगोस कवरगोधमात्मक समामग्रली ककी अनमुपणस्रकर एवबां उपलब्ध समामग्रली सवे छवेडछमाड ककी सबांभमावनमा न हगोनवे कवे रथ्य कगो दवेखरवे हहए मवेरली रमाय मम आववेदक कगो जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरनः वमाद कवे रमुर दगोष पर कबनमा कगोई करप्परली ककए हहए आववेदक कगो उपरगोक्त वकररर अपरमाध मम सबांबबांजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष्ट पर व्यकक्तरर बबांध -पत एवबां उसली धनरमाकश कवे दगो प्रकरभपू प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखर शरर्दोबां कवे समार जममानर पर छगोड कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परलीक्षर कवे ददौरमान अकभयगोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयगोजन समाकक्षयतों व पलीकडरमा/ कशकमायरकरमार कगो ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरली, वह परलीक्षर कवे ददौरमान कबनमा कगोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हगोरमा ररमा परलीक्षर मम ईममानदमारली सवे सहयगोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हगोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरबांतरमा कमा दमुरूपयगोर नहली करवेरमा और ककसली भली अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हगोरमा न कगोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररकचर ककसली भली व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररयतों कगो कगोई प्रलगोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हली उनसवे कगोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कगो उजमारर करनवे सवे कवरर
रहनमा पण्डिवेडे़। उपरगोक्त शरर्दोबां मम सवे ककसली कवे उलबांघन कवे ममामलवे मम , परलीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कगो स्वरबांत हहै। Order Date :- 6.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad