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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 80095 (ALL)

VIKESH ALIAS VIVEK KUMAR AND ANOTHER v. STATE OF U.P.

NABAIL/6175/2025 · 2025-08-10

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:135242 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6175 of 2025 Applicant :- Vikesh Alias Vivek Kumar And Another Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Kalp Nath,Vivekanand Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत्र आववेदकगर कवकवे श उरर कवववेक व रमानची ककी ओर सवे मपु०अ०स० 152/2024 अन्तगरत धमारमा 80(2)/ 85 बची.एन.एस. एववं 3/4 दहवेज प्रकतषवेध अधधकनयम, रमानमा औरमाई, धजलमा भददोहची मम अकग्रिम जममानत पर मपुक्त करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयमा गयमा हहै। 2. आववेदकगर कवे कवदमान अधधवक्तमा ककी तरर सवे कवदमान अधधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासककीय अधधवक्तमा कदो सपुनमा तरमा पत्रमावलची कमा पररशचीलन ककयमा। 3. आववेदकगर कवे कवदमान अधधवक्तमा नवे तकर प्रस्तपुत ककयमा कक आववेदक कनदर्दोष हहै , उसवे उपरदोक्त धमारमाओवं मम दवेषवश तवंग व परवेशमान करनवे ककी कनयत सवे आधलप्त ककयमा गयमा हहै , उसवे आशवंकमा हहै कक उसवे उपरदोक्त वकररत ममामलवे मम कगरफ्तमार ककयमा जमा सकतमा हहै , जबकक उसकवे कवरूद्ध कदोई कवश्वसनचीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भची करन हहै कक आववेदकगर कवे कवरुद्ध अभची तक कदोई भची बमाध्यकमारची प्रकक्रियमा नहहीं अपनमाई गयची हहै एववं आववेदकगर ककी ओर सवे यह भची आश्वमासन कदयमा गयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहयदोग करनवे कवे धलए तहैयमार हहै और जब भची आवश्यकतमा हदोगची वह ईममानदमारची सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खपुद कदो उपलब्ध करमाएगमा और उन सभची शततों कदो स्वचीकमार करनवे कवे धलए भची तहैयमार हहै जदो न्यमायमालय उस पर अधधरदोकपत करवेगची। 4. कवदमान अपर शमासककीय अधधवक्तमा दमारमा यह तकर प्रस्तपुत ककयमा गयमा कक अकभयपुक्तगर दमारमा कमाररत अपरमाध गवंभचीर प्रकक कत कमा हहै तरमा आववेदकगर कवे कवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पपुधलस दमारमा आववेदकगर कवे कवरुद्ध सवंबवंधधत कवचमारर न्यमायमालय मम आरदोपपत्र प्रवेकषत ककयमा गयमा हहै। इसधलए आववेदकगर कदो अकग्रिम जममानत पर मपुक्त ककयवे जमानवे कमा कदोई औकचत्य प्रतचीत नहहीं हदोतमा हहै। अततः अकभयपुक्तगर कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र कनरस्त ककयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननचीय उच्चतम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै कक अकग्रिम जममानत पर कनररय करतवे समय न्यमायमालय कदो आरदोप ककी प्रकक कत और गवंभचीरतमा , अकभयपुक्तगर कमा पसूवरवकत, अकभयपुक्तगर कवे न्यमाय सवे भमागनवे ककी सवंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए तरमा न्यमायमालय कदो अकभयपुक्तगर कवे कवरुद्ध उपलब्ध सवंपसूरर समामग्रिची कमा समावधमानचीपसूवरक मसूल्यमावंकन करनमा चमाकहए तरमा अकभयपुक्तगर ककी सटचीक भसूकमकमा कदो भची ध्यमान मम रखनमा चमाकहए। 6. वतरममान ममामलवे मम अकग्रिम जममानत सवंबवंधची कवधध कवे स्रमाकपत धसद्धमावंततों कदो ध्यमान मम रखतवे हहए और पक्षिकमारतों कवे कवदमान अधधवक्तमाओवं कवे करनतों , आरदोपतों ककी प्रकक कत, आववेदकगर ककी भसूकमकमा और ममामलवे कवे सभची तथ्यतों एववं पररणस्रकतयतों कदो ध्यमान मम रखतवे हहए चसूवंकक सवंबवंधधत कवचमारर न्यमायमालय मम आववेदकगर कवे कवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्त आरदोप पत्र प्रवेकषत ककयमा जमा चपुकमा हहै , अततः ममामलवे कवे गपुर -ददोष पर कबनमा कदोई कवचमार व्यक्त ककए यह अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र स्वचीकमार ककए जमानवे यदोग्य नहहीं हहै , तदपुसमार आववेदकगर कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र अस्वचीकमार ककयमा जमातमा हहै। 7. उपरदोक्तमानपुसमार वमाद कवे गपुर-ददोष पर कटप्परची ककयवे बगहैर यह अकग्रिम जममानत प्रमाररनमापत्र कनरस्त ककयमा जमातमा हहै। 8. इस वमाद मम यकद कदोई अवंतररम आदवेश हदो, तदो वह स्वततः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कदो कनदरकशत ककयमा जमातमा हहै कक इस आदवेश ककी प्रकतधलकप सवंबवंधधत कवचमारर न्यमायमालय कदो अकवलम्ब प्रवेकषत करम। Order Date :- 11.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad