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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 79317 (ALL)
AKASH YADAV v. STATE OF U.P.
NABAIL/6085/2025 · 2025-07-30
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 79317 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:128199 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6085 of 2025 Applicant :- Akash Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Nagina Singh Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक आकमाश यमादव ककी ओर सवे ममु०अ०स० 48/2019 सवे उददर सत्र पररीक्षर ससं० 117/2019, अन्रररर धमारमा 147, 148, 323, 324, 325, 504, 506, 308, 304 भमा.दसं.ससं., रमानमा बलमुआ, जजलमा चसंददौलरी मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा शरी चसंदन जससंह कक समुनमा ररमा पत्रमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकक्त धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा प्रमारगमककी मम दगशरर उपरकक्त धमारमाओसं कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा ककई भरी कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम दगशरर गकयमा रयमा हहै। आववेदक दमारमा गकसरी प्रकमार ककी ममारपरीट नहहीं ककी रयरी हहै, न हरी रमालरी-रलदौज ककी रयरी हहै। रसंजजशन आववेदक कक वररममान वमाद मम गमथ्यमारकगपर गकयमा रयमा हहै। अगग्रिम उनकवे दमारमा करन गकयमा रयमा हहै गक ससंबसंजधर गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गबनमा गकसरी पयमारप्त समाक्ष्य कवे आववेदक कक असंरररर धमारमा 319 दसं०प्र०ससं० मम आहहर गकयमा रयमा हहै। आववेदक ककी ओर सवे यह भरी आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानदन ककी प्रगक्रियमा मम सहयकर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भरी आवश्यकरमा हकररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कक उपलब्ध करमाएरमा और उन सभरी शरर्दोसं कक स्वरीकमार करनवे कवे जलए भरी रहैयमार हहै जक न्यमायमालय उस पर अजधरकगपर करवेररी।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभरीर प्रकक गर कमा हहै ररमा पयमारप्त समाक्ष्यय , स्वरसंत्र रवमाहय कवे बयमान कवे आधमार पर आववेदक कक गवचमारर न्यमायमालय दमारमा असंरररर धमारमा 319 दसं०प्र०ससं० मम रलब गकयमा रयमा
हहै, जजसमम ककई त्रमुगट पररलगक्षर नहहीं हक रहरी हहै, इसजलए आववेदक कक अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककई औगचत्य प्रररीर नहहीं हकरमा हहै। अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कक आरकप ककी प्रकक गर और रसंभरीररमा, अगभयमुक्त कमा पदवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कक अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध ससंपदरर समामग्रिरी कमा समावधमानरीपदवरक मदल्यमासंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटरीक भदगमकमा कक भरी ध्यमान मम रखनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधरी गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमासंरय कक ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारय कवे गवदमान अजधवक्तमाओसं कवे करनय , आरकपय ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भदगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्यय एवसं पररणस्रगरयय कक ध्यमान मम रखरवे हहए चदसंगक आववेदक कवे गवरुद्ध गवचमारर न्यमायमालय दमारमा पमाररर प्रश्नरर आदवेश सममुगचर गवववेचनमा एवसं ठकस समाक्ष्यय पर आधमाररर हहै ररमा प्रश्नरर आदवेश मम हस्रक्षवेप गकए जमानवे ककी ककई आवश्यकरमा प्रररीर नहहीं हक रहरी हहै, अरतः ममामलवे कवे रमुर-दकष पर गबनमा ककई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वरीकमार गकए जमानवे यकग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वरीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरकक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकष पर गटप्पररी गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै।
8. इस वमाद मम यगद ककई असंरररम आदवेश हक, रक वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
9. कमायमारलय कक गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी एक प्रगरजलगप अगवलम्ब ससंबसंजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा समुगनणश्चर करम। Order Date :- 31.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad