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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 79117 (ALL)
RADHA RANI AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/6006/2025 · 2025-08-05
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 79117 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:132677 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 6006 of 2025 Applicant :- Radha Rani And 2 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Suresh Kumar Gupta,Vashishtha Narayan Tripathi Counsel for Opposite Party :- Devendra Tiwari Deva,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदकगर, आववेदक ससं० 1 (रमाधमा रमानन) जवेठमानन, आववेदक ससं० 2 (रमाजकक ममार) जवेठ एवसं आववेदक ससं० 3 (ककौशल्यमा) समास ककी ओर सवे मक०अ०ससं० 228/2025, अन्रगरर धमारमा 85, 115(2), 351(2), 352, 74, 75, 64 बन.एन.एस. एवसं धमारमा 3/4 ण्डिन.पन. एक्ट, रमानमा नजनबमाबमाद, जजलमा गबजनकौर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉग कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार ययोजजर गकयमा गयमा हहै गक गगरफ्रमारन ककी णसरगर मम आववेदकगर कयो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदकगर कवे गवदमान अजधवकमा पररवमादन कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कयो सकनमा ररमा पतमावलन कमा पररशनलन गकयमा।
3. आववेदकगर कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरकर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै, उसवे उपरयोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंग व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा गयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरयोक वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उनकवे गवरूद्ध कयोई गवश्वसननय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदकगर दमारमा ऐसमा कयोई भन कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा गयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम दगशरर गकयमा गयमा हहै। आववेदकगर दमारमा पनगड़िरमा कयो दहवेज हवेरक शमारनररक अरवमा ममानजसक रूप सवे प्ररमागड़िर एवसं परवेशमान नहहीं गकयमा गयमा हहै।
आववेदक ससं० 2 कवे दमारमा पनगड़िरमा कवे समार गकसन प्रकमार कमा गलर कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा गयमा हहै। पमाररवमाररक गववमाद ककी वजह सवे उसवे पनगड़िरमा दमारमा गमथ्यमारयोगपर कर गदयमा गयमा हहै। वररममान वमाद मम गवववेचनमा प्रचजलर हहै ररमा आरयोपपत दमाजखिल नहहीं गकयमा गयमा हहै। पकननः उनकमा करन हहै गक आववेदकगर गवचमारर और जमॉच कवे दकौरमान सहययोग करनवे कमा वचन दवेरवे हहै गक वह जमॉच एजमसन यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहमगवे एवसं आववेदकगर ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहययोग करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भन आवश्यकरमा हयोगन यह ईममानदमारन सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खिकद कयो उपलब्ध करमाएसंगवे और उन सभन शरर्दोसं कयो सवनकमार करनवे कवे जलए भन रहैयमार हहै, जयो न्यमायमालय उस पर अजधरयोगपर करवेगन।
4.
पररवमादन कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयककगर कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरयोध मम यह रकर प्रसरकर गकयमा गयमा गक आववेदकगर दमारमा पनगड़िरमा कयो अगरररक दहवेज हवेरक शमारनररक एवसं ममानजसक रूप सवे प्ररमागड़िर गकयमा गयमा ररमा आववेदक ससं० 2 दमारमा पनगड़िरमा कवे समार जबरन शमारनररक ससंबसंध बनमायमा गयमा, जजसकमा करन उसनवे अगभययोजन करमानक मम गकयमा हहै। आववेदकगर दमारमा कमाररर अपरमाध ससंजवेय एवसं गम्भनर प्रकक गर कमा हहै , इसजलए अगभयककगर कयो अगग्रिम जममानर पर मकक न गकयमा जमाय।
5. यहमासं प्रमाससंगगक रथ्य हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममानननय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा गयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कयो आरयोपपों ककी प्रकक गर और गसंभनररमा , आरयोपन ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमागनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कयो आरयोपन कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभन समामग्रिन कमा समावधमानन सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरयोपन ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर
भन गवचमार करनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधन गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों , आरयोपपों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभन रथ्यपों एवसं पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए , प्ररमदृष्टयमा आववेदक ससं० 2 (रमाजकक ममार) कवे गवरुद्ध आरयोगपर अपरमाध बनरमा पररलगक्षिर हयो रहमा हहै , अरनः ममामलवे कवे गकर -दयोष पर गबनमा कयोई गवधमार व्यक गकए आववेदक ससं० 2 (रमाजकक ममार) कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनकमार गकए जमानवे ययोग्य नहहीं हहै। रद्नकसमार , आववेदक ससं० 2 (रमाजकक ममार) कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत गनरसर गकयमा जमारमा हहै।
7. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधन गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षिकमारपों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनपों , आरयोपपों ककी प्रकक गर , आववेदकगर ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभन रथ्यपों एवसं पररणसरगरयपों कयो ध्यमान मम रखिरवे हहए, ममामलवे कवे गकर-दयोष पर गबनमा कयोई गवचमार व्यक गकए आववेदक ससं० 1 (रमाधमा रमानन) एवसं आववेदक ससं० 3 (ककौशल्यमा) अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवनकमार गकए जमानवे ययोग्य हहै। रदद नकसमार , आववेदक ससं० 1 (रमाधमा रमानन) एवसं आववेदक ससं० 3 (ककौशल्यमा) अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवनकमार गकयमा जमारमा हहै।
8.
उपरयोक मककदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणम्मजलर आववेदक ससं० 1 (रमाधमा रमानन) एवसं आववेदक ससं० 3 (ककौशल्यमा) ककी गगरफ्रमारन ककी दशमा मम , उन्हम ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारन ककी ससंरकगष्ट पर रू० 50,000/- कमा व्यगकगर बसंध पत एवसं उसन धनरमागश कवे दयो -दयो प्रगरभनू प्रसरकर करनवे पर , पकजलस आख्यमा दमाजखिल गकए जमानवे रक गनम्न शरर्दो कवे अधनन अगग्रिम जममानर पर मकक गकयमा जमाएगमा :- i) आववेदकगर अगभययोजन पक्षि कवे समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करमगवे।
ii) आववेदकगर अगभययोजन पक्षि कवे गवमाहपों कयो धमकमाएसंगवे यमा परवेशमान नहहीं करमगवे। iii) आववेदकगर, यगद आवश्यक हयोगमा रयो पकजलस अजधकमारन कवे समक्षि जमॉच हवेरक अपवेगक्षिर प्रत्यवेक गरजर एवसं गनयर समय पर उपणसरर रहमगवे ररमा अनमावश्यक सरगन नहहीं लमगवे। iv) आववेदकगर उस अपरमाध कवे सममान कयोई अपरमाध नहहीं करमगवे , जजसकमा आरयोप आववेदकगर पर लगमायमा गयमा हहै यमा जजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेदकगर ममामलवे कवे रथ्यपों सवे पररगचर गकसन व्यगक कयो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कयोई प्रलयोभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करमगवे जजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसन पकजलस अजधकमारन कवे समक्षि रथ्यपों कमा खिकलमासमा करनवे सवे गवमकखि हयो जमाए यमा समाक्ष्यपों कवे समार छवेड़िछमाड़ि करवे।
9. उपरयोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम अगभययोजन पक्षि कयो, आववेदकगर कयो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरनकरर हवेरक उपयकक आववेदन प्रसरकर करनवे ककी सवरसंतरमा हयोगन। Order Date :- 6.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad