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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25748 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 359/2023 अन्तगर्त धारा 302, 498ए, 323, 504, 506, 452, 324 भारतीय दण्ड संिहता व धारा 3/4 दहेज प्रितषेध अिधिनयम तथा धारा 4/25 आम्सर् एक्ट, थाना झूंसी, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता श्री अजय कु मार पाण्डेय एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक का यह िद्वतीय जमानत आवेदनप पत्र है। आवेदक का प्रथम जमानत, जमानत आवेदन पत्र सं० 16879/2024 में इस न्यायालय के आदेश िदनांक 01.04.2024 के द्वारा िनरस्त िकया गया है।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा पूरकशपथ-पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
5.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने नवीन तथ्य यह प्रस्तुत िकया िक आवेदक का प्रथम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त होने के उपरांत इस मामलें के सत्र परीक्षण में मृतका के भाई अिभयोजन साक्षी सं० 1/राजेन्द्र पाण्डेय द्वारा अपने परीक्षण में सशपथ, िदनांिकत 06.05.2025 कथन िकया गया िक "यह िजस िदन की घटना है और मेरे बहन के ऊपर प्राण घातक हमला िकया गया। इस समय मैं बाथरूम के अंदर नहा रहा था शोर गुल होने पर जबर मेैं बाहर आया तो हमलवार भाग गया चुका था। िजसने मेरी बहन के पर प्राण घातक हमला िकया था। मैं उसको अपनी आंख से देख नहीं पाया था।" इस प्रकार उसके द्वारा अिभयोजन कथानक का समथर्न नहीं िकया गया तथा मृतका की मां अिभयोजन साक्षी सं० 2/पुष्पा देवी को घटना न देखने के Versus Counsel for Applicant(s) : Ajay Kumar Pandey, Vidit Narayan Mishra Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Ashish Mishra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
आधार पर पक्षद्रोही घोिषत िकया गया है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयोजन साक्षी सं० 1 व अिभयोजन साक्षी सं० 2 द्वारा किथत घटना कािरत करते समय अिभयुक्त को देखने से इंकार िकया गया है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक आवेदक िनदोर्ष है। आगे यह भी प्रस्तुत िकया गया िक प्रत्यक्षदशीर् साक्षी सुशील कु मार, िजनके द्वारा अपने बयान में आवेदक के िवरूदध किथत अपराध कािरत करने का अिभकथन िकया गया था, उनकी मृत्यु िदनांक 31.03.2024 को हो चुकी है, िजसके कारण उन्हें सत्र परीक्षण में अिभयोजन साक्षी के रूप में परीिक्षत नहीं कराया जा सकता है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 22.08.2023 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
7. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
8. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. BAIL No. 25748 of 2025 2
आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 9. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 10, 2025 CP.sahani BAIL No. 25748 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad