Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 78846 (ALL)
ASIF KHAN v. STATE OF U.P.
BAIL/25887/2025 · 2025-07-28
Gautam Chowdhary
Public Interest Litigationbody2025
[ 2025 DAILYLAW 78846 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 78846 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:125507 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25887 of 2025 Applicant :- Asif Khan Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Kapil Dev Dubey,Pratikdhar Dwivedi,Rahul Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक आससिफ खमान ककी ओर सिवे ममु०अ०सि० 35/2025, अन्रररर धमारमा 319(2)/ 318(4)/ 338/ 336(3)/ 340(2)/ 317(2) बब.एन.एसि, रमानमा खमुल्दमाबमाद, सजलमा प्रयमाररमाज मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासिककीय असधवक्तमा कको सिमुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन ककयमा।
3.
आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इसि प्रकरर मम रलर एववं फजर्जी ढवंर सिवे झझूठमा फवं सिमायमा रयमा हहै , उसिनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। घटनमा कदनमावंक 05-06-2025 सिमय 00.00 ककी कहब जमारब हहै और ररपकोटर एक कदन बमाद कदनमावंक 06-06-2025 कको सिमय 22.54 बजवे दजर करमायब जमारब हहै कबलम्ब सिवे सिझूचनमा दजर करमानवे कमा ककोई कमारर प्ररम सिझूचनमा ररपकोटर मम नहहीं बरमायमा रयमा हहै। अकभियकोजन कहमानब पझूरब ररह सिवे मनरढवंर व फजर्जी हहै सिहब बमार यह हहै कक वमादब ममुकदममा व उसिकमा पमुत उक्त शहमानमा खमान उफर कप्रयमा पटवेल कको बहलमा फमु सिलमा कर अपनवे सिमार लवे जमा रहवे रवे। जमानकमारब हकोनवे पर उसिकवे पररजननों नवे अन्य लकोरनों ककी मदद सिवे अपनब पमुतब कको वमादब ममुकदममा व उसिकवे पमुत कवे चवंरमुल सिवे छमु डमा सलयमा सजसिसिवे नमारमाज हकोकर अपनवे बचमाव कवे सलए वमादब ममुकदममा नवे उक्त ममुकदममा फजर्जी व मनरढवंर कहमानब कवे आधमार पर दजर करमा कदयमा। घटनमा कमा ककोई जनसिमाकब नहहीं हहै। आववेदक न रको उक्त घटनमा कवे ददौरमान जब वमादब ममुकदममा व उसिकवे पमुत व उसिकवे सिमारब उक्त कसरर लडककी कको बहलमा फमु सिलमाकर जबरन अपनवे सिमार सलवमा जमा रहवे रवे उसिकवे
पररजननों कको जमानकमारब हकोनवे पर ववे लकोर अपनब लडककी कको उनकवे चवंरमुल सिवे छमु डमानवे ककी ककोकशश करनवे लरवे सजसि ददौरमान कमाफकी लकोर वहमावं इकटमा हको रयवे और आववेदक भिब घटनमा ककी जमानकमारब करनवे कवे सलए मदौकवे पर पहहवंच रयमा सजसिकवे आधमार पर वमादब ममुकदममा नवे लकोरनों कवे बरमानवे पर आववेदक कमा नमाम भिब उक्त ममुकदमम मम अवंककर करमा कदयमा। पमुननः उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सिवे यह आश्वमासिन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानझून ककी प्रकक्रियमा मम सिहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भिब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सिवे अदमालर कवे सिमक खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सिभिब शरनों कको स्वबकमार करनवे कवे सलए भिब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उसि पर असधरकोकपर करवेरब। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इसि प्रकरर मम कद० 07.06.2025 सिवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसिसलए आववेदक कको जममानर पर छकोड कदयमा जमाय।
5.
कवदमान अपर शमासिककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सिवंजवेय एववं रवंम्भिबर प्रकक कर कमा हहै , इसिसलए आववेदक कको जममानर पर न छकोडमा जमायवे।
6. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा कवे रकर्दोवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध सिमारवमान रथ्यनों एववं पररणस्रकरयनों कमा सिमग्र रूप सिवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सिबझूरनों ककी प्रकक कर और ककसिब भिब ठकोसि कवरकोधमात्मक सिमामग्रब ककी अनमुपणस्रकर एववं उपलब्ध सिमामग्रब सिवे छवेडछमाड ककी सिवंभिमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परब ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सिवंबवंसधर न्यमायमालय ककी सिन्रमुकष्टि पर व्यकक्तरर बवंध -पत एववं उसिब धनरमाकश कवे दको प्रकरभिझू प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नसलसखर शरर्दोवं कवे सिमार जममानर पर छकोड कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परबकर कवे ददौरमान अकभियकोजन सिमाक्ष्यनों कवे सिमार छवेडछमाड नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभियकोजन सिमाककयनों व पबकडरमा / कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशनों कमा पमालन करवेरब, वह परबकर कवे ददौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए कनयर करसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परबकर मम ईममानदमारब सिवे सिहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहब करवेरमा और ककसिब भिब अपरमासधक रकरकवसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सिवे ममामलवे कवे रथ्यनों सिवे पररकचर ककसिब भिब व्यकक्त यमा पमुसलसि असधकमाररयनों कको ककोई प्रलकोभिन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसिवे ककोई वमायदमा करवेरमा, सजसिकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यनों कको उजमारर करनवे सिवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोवं मम सिवे ककसिब कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परबकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसिमार रद्द करनवे कको स्वरवंत हहै। Order Date :- 29.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad