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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 78257 (ALL)
RITIK PANWAR v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/5939/2025 · 2025-08-03
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 78257 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:131167 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5939 of 2025 Applicant :- Ritik Panwar Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Adarsh Bhushan Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ररिगरक पपंवमारि ककी ओरि सवे ममु०अ०सपं० 331 सनन् 2025, अन्रररर धमारिमा 69 बब.एन.एस., रमानमा रजरिरौलमा, जजलमा अमरिरोहमा मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर करिरवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायरि गकयमा रयमा हहै गक गररिफ्रमारिब ककी णसरगर मम आववेदक करो जममानर परि ररिहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवपं गवदमान अपरि शमासककीय अजधवकमा करो समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररिशबलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरिरोक धमारिमाओपं मम दवेषवश रपंर व परिवेशमान करिनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशपंकमा हहै गक उसवे उपरिरोक वगररर ममामलवे मम गररिफ्रमारि गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध करोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक गकसब दमुष्प्रवेरिर कवे षण्डियपंत मम गकसब व्यगक कवे समार सणममजलर नहहीं हहआ हहै। उनकमा यह भब करन हहै गक आववेदक कमा करोई आपरिमाजधक इगरहमास नहहीं रिहमा हहै औरि आववेदक कवे गवरूद्ध अभब रक करोई भब बमाध्यकमारिब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारिर औरि जजॉच कवे दरौरिमान सहयरोर करिनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जजॉच एजमसब यमा न्यमायमालय दमारिमा अपवेगक्षिर समय परि उपणसरर रिहवेरमा एवपं आववेदक ककी ओरि सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयरोर करिनवे कवे जलए रहैयमारि हहै औरि जब भब आवश्यकरमा हरोरब वह ईममानदमारिब सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद करो उपलब्ध करिमाएरमा औरि उन सभब शरर्दोपं करो सवबकमारि करिनवे कवे जलए भब रहैयमारि हहै जरो न्यमायमालय उस परि अजधरिरोगपर करिवेरब।
4. गवदमान अपरि शमासककीय अजधवकमा दमारिमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरिरोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारिमा कमाररिर अपरिमाध रपंभबरि प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवपं पररिणसरगरययों करो दृगष्टिरर रिखरवे हहयवे अगभयमुक करो अगग्रिम जममानर परि ररिहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमारि नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक करो अगग्रिम जममानर परि न छरोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय दमारिमा यह अवधमाररिर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा परि न्यमाय गनररयन करिरवे समय न्यमायमालय करो आरिरोपयों ककी प्रकक गर औरि रपंभबरिरमा, आरिरोपब ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी सपंभमावनमा परि गवचमारि करिनमा चमागहए औरि यह गक न्यमायमालय करो आरिरोपब कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभब समामग्रिब कमा समावधमानब सवे मनूल्यमापंकन करिनमा चमागहए औरि आरिरोपब ककी वमासरगवक भनूगमकमा परि भब गवचमारि करिनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवपं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सपंबपंधब गवजध कवे सरमागपर जसद्धमापंरयों करो ध्यमान मम रिखरवे हहए औरि पक्षिकमारियों कवे गवदमान अजधवकमाओपं कवे करनयों , आरिरोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा औरि ममामलवे कवे सभब रथ्ययों एवपं पररिणसरगरययों करो ध्यमान मम रिखरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दरोष परि गबनमा करोई गवचमारि व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवबकमारि गकए जमानवे यरोग्य हहै।
7. रद्नमुसमारि यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवबकमारि गकयवे जमानवे यरोग्य हहै।
8. उपरिरोक ममुकदममा अपरिमाध सपंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररिफ्रमारिब ककी दशमा मम , उसवे सपंबपंजधर रमानवे कवे भमारिसमाधक अजधकमारिब ककी सपंरमुगष्टि परि रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बपंध पत एवपं उसब धनरिमागश कवे दरो प्रगरभनू प्रसरमुर करिनवे परि , पमुजलस दमारिमा आरिरोप पत दमाजखल हरोनवे रक कवे वल गनमन शरर्दोपं कवे अधबन अगग्रिम जममानर परि ररिहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हरोरमा ररो पमुजलस अजधकमारिब दमारिमा जजॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय परि उपणसरर रिहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररिगचर गकसब व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररिययों करो प्रत्यक्षि यमा परिरोक्षि रूप सवे करोई धमककी , वमादमा यमा प्रलरोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य करो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसब पमुजलस अजधकमारिब कवे समक्षि प्रकट न करिनवे परि ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा कवे दरौरिमान सहयरोर करिमरवे औरि जममानर ककी सवरपंतरमा कमा दमुरूपयरोर नहहीं करिवेरमा। उपरिरोक शरर्दोपं कवे उलपंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारिब /अगभयरोजन पक्षि करो, आववेदक करो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरिसरबकरिर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करिनवे ककी सवरपंतरमा हरोरमा।
9.
रद्नमुसमारि यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरिरोक गटप्पगरययों कवे समार अपंगरम रूप सवे गनसरमाररिर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 4.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad