Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 78064 (ALL)

SUMIT v. STATE OF U.P.

BAIL/25912/2025 · 2025-07-28

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:125476 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25912 of 2025 Applicant :- Sumit Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Anil Mishra,Jitendra Kumar Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ससुममर ककी ओर सवे मसु०अ०स० 561/2024, अन्रररर धमारमा 303(2)/ 317(2)/ 317(4)/ 318(4)/ 338/ 336(3)/ 340(2)/ 3(5) बब.एन.एस, रमानमा ककोरवमालब उरई, जजलमा जमाललौन मम जममानर पर मसुक्त करनवे हवेरसु प्रस्रसुर मकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे मवदमान अजधवक्तमा एववं मवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको ससुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन मकयमा। 3. आववेदक कवे मवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रसुर मकयमा मक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठमा फवं समायमा रयमा हहै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं मकयमा हहै। प्रश्नरर प्रकरर मम पसुजलस दमारमा आववेदक एववं पमावंच अन्य सहअमभियसुक्तरर कवे मनशमानदवेहब पर चलौदह मलौटरसमाइमकल ककी सवंयसुक्त बरमामदरब दशमारयब रयब हहै , मकवं रसु इस बरमामदरब कमा ककोई स्वरवंत समाकब नहहीं हहै। आववेदक कमा जको आपरमाजधक इमरहमास जको आववेदन पत कवे पहैरमागमाम -7 पर वमररर मकयमा रयमा, यवे सभिब वमाद पसुजलस दमारमा अपनमा अच्छमा कमायर मदखमानवे कवे उदवेश्य सवे उसब वरर 2024 मम हब हर वमाद मम आववेदक कको अमभियसुक्त नमाममर कर मदयमा रयमा हहै ररमा आववेदक कमा वमररर उक्त वमाद भिब इसब वमाद कवे प्रकक मर कवे हहै। पसुननः उनकमा करन हहै मक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन मदयमा रयमा हहै मक वह कमानझून ककी प्रमक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भिब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सवे अदमालर कवे समक खसुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभिब शरतों कको स्वबकमार करनवे कवे जलए भिब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोमपर करवेरब। आववेदक मनदर्दोर हहै ररमा वह इस प्रकरर मम मद० 13.08.2024 सवे कमारमारमार मम मनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ मदयमा जमाय। 5. मवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे मवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल मवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रसुर मकयमा मक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सवंजवेय एववं रवंम्भिबर प्रकक मर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 6. आववेदक कवे मवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एववं पररणस्रमरयतों कमा समग रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरतों ककी प्रकक मर और मकसब भिब ठकोस मवरकोधमात्मक समामगब ककी अनसुपणस्रमर एववं उपलब्ध समामगब सवे छवेड़छमाड़ ककी सवंभिमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मसुक्त करनवे कमा उपयसुक्त आधमार हहै। 7. अरनः वमाद कवे रसुर दकोर पर मबनमा ककोई मटप्परब मकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वमररर अपरमाध मम सवंबवंजधर न्यमायमालय ककी सन्रसुमष्टि पर व्यमक्तरर बवंध -पत एववं उसब धनरमामश कवे दको प्रमरभिझू प्रस्रसुर करनवे पर मनम्नजलजखर शरर्दोवं कवे समार जममानर पर छकोड़ मदयमा जमाय। 1. आववेदक मवववेचनमा यमा परबकर कवे दलौरमान अमभियकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अमभियकोजन समामकयतों व पबमड़रमा/ मशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरब, वह परबकर कवे दलौरमान मबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए मनयर मरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परबकर मम ईममानदमारब सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दसुरूपयकोर नहब करवेरमा और मकसब भिब अपरमाजधक रमरमवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररमचर मकसब भिब व्यमक्त यमा पसुजलस अजधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभिन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे मवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोवं मम सवे मकसब कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परबकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर मनयममानसुसमार रद करनवे कको स्वरवंत हहै। Order Date :- 29.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad