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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 77309 (ALL)

POOJA v. STATE OF U.P.

NABAIL/5849/2025 · 2025-07-30

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:128530 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5849 of 2025 Applicant :- Pooja Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- M J Akhtar,Shahzad Alam,Sr. Advocate Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेगदकमा पपूजमा ककी ओर सवे ममु०अ०स० 151/2016, अन्रररर धमारमा 306 भमा०ददं०गव०, रमानमा खरखखौदमा, जजलमा मवेरठ मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै। 2. आववेगदकमा कवे गवदमान अजधवक्तमा एवदं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा शश जय गकशन चखौरजसयमा कको समुनमा ररमा पत्रमावलश कमा पररशशलन गकयमा। 3. आववेगदकमा कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेगदकमा गनदर्दोष हहै, उसवे उपरकोक्त धमारमाओदं मम दवेषवश रदंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा रयमा हहै, उसवे आशदंकमा हहै गक उसवे उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै, जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनशय समाक्ष्य नहहीं हहै। प्रमारगमककी अगर गवलणमबर हहै ररमा उक्त गवलमब कमा ककोई सममुगचर स्पषशकरर नहहीं गदयमा रयमा हहै। आववेगदकमा दमारमा ऐसमा ककोई भश अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेजखर गकयमा रयमा हहै। आववेगदकमा ममृरक ककी पत्नश हहै ररमा उसकवे ममृरक कको आत्महत्यमा कमाररर करनवे हवेरमु उत्प्रवेररर नहहीं गकयमा रयमा हहै। वररममान घटनमा कको कमाररर करनवे कमा ककोई स्वरदंत्र समाकश नहहीं हहै। पत्रमावलश पर ममृरक कमा ककोई समुसमाइण्डि नकोट उपलब्ध नहहीं हहै , जजससवे आववेगदकमा कवे गवरुद्ध अपरमाध बनरमा पररलगकर हकोरमा हको। उनकमा यह भश करन हहै गक आववेगदकमा कवे गवरूद्ध अभश रक ककोई भश बमाध्यकमारश प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयश हहै एवदं आववेगदकमा ककी ओर सवे यह भश आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानपून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भश आवश्यकरमा हकोरश वह ईममानदमारश सवे न्यमायमालय कवे समक खमुद कको उपलब्ध करमाएरश और उन सभश शरर्दोदं कको स्वशकमार करनवे कवे जलए भश रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेरश। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक आववेगदकमा दमारमा कमाररर अपरमाध रदंभशर प्रकमृ गर कमा हहै ररमा आववेगदकमा कवे गवरुद्ध पयमारप समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुजलस दमारमा आववेगदकमा कवे गवरुद्ध सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हहै। इसजलए आववेगदकमा कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररशर नहहीं हकोरमा हहै। अरत आववेगदकमा कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननशय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकमृ गर और रदंभशररमा, अगभयमुक्त कमा पपूवरवमृत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदंपपूरर समामग्रिश कमा समावधमानशपपूवरक मपूल्यमादंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटशक भपूगमकमा कको भश ध्यमान मम रखनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदंबदंधश गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादंरतों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पककमारतों कवे गवदमान अजधवक्तमाओदं कवे करनतों , आरकोपतों ककी प्रकमृ गर, आववेदक ककी भपूगमकमा और ममामलवे कवे सभश रथ्यतों एवदं पररणस्रगरयतों कको ध्यमान मम रखरवे हहए चपूदंगक सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आववेगदकमा कवे गवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्र आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा जमा चमुकमा हहै , अरत ममामलवे कवे रमुर -दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वशकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै, रद्नमुसमार आववेगदकमा कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वशकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकोष पर गटप्परश गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै। 8. इस वमाद मम यगद ककोई अदंरररम आदवेश हको, रको वह स्वरत सममाप समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कको गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी प्रगरजलगप सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय कको अगवलमब प्रवेगषर करम। Order Date :- 31.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad