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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 77027 (ALL)

NASEEM @ CHANDI v. State of U.P.

BAIL/26505/2024 · 2025-02-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:27510 Court No. - 84 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 26505 of 2024 Applicant :- Naseem @ Chandi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Rajesh Kumar Kanojia Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शश्री रद्वाजवेश कक मद्वार कननौधजयद्वा एववं रद्वाज्य कक तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककय अधधिवकद्वा शश्री मनश्रीष कवे सरवद्वानश्री कको सकनद्वा तथद्वा पतद्वावलश्री कद्वा अवलकोकन वकयद्वा। 2. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कक तरफ सवे आज प्रवत -उत्तर शपथपत प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा, धजसवे पतद्वावलश्री पर रखद्वा जद्वाए। 3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक कक ओर सवे मक०अ०सवं० 80 सनन् 2024, अवंतगरत धिद्वारद्वा 8C/20B (ii)C स्वद्वापक औषधधि और मननःप्रभद्वावश्री पदद्वाथर अधधिवनयम, 1985, थद्वानद्वा मससूरश्री, धजलद्वा गद्वाधजयद्वाबद्वाद मम जमद्वानत पर मकक करनवे हवेतक प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हहै। 4. उपरकोक प्रकरर वदनद्वावंक 11.03.2024 कको समय 18.58 बजवे पकधलस उप- वनरश्रीक्षक दद्वारद्वा आववेदक सवहत सद्वात व्यवकययों कवे ववरुद्ध धलखद्वायश्री गयश्री प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर कवे आधिद्वार पर पवंजश्रीकक त हहआ , धजसमम कहद्वा गयद्वा वक मकखवबर दद्वारद्वा प्रद्वाप्त ससूचनद्वा कवे आधिद्वार पर पकधलस नवे एक घर सवे सह-अवभयकक आधसफ उफर गकलसू, सलश्रीम उफर हलवद्वाई तथद्वा फरमद्वान कको पकडद्वा एववं उनकवे दद्वारद्वा दश्री गयश्री जद्वानकद्वारश्री कवे आधिद्वार पर मकद्वान कवे बद्वाहर खडश्री तश्रीन गद्वावडययों सवे 50 पहैकवे र, 35 पहैकवे र तथद्वा 35 पहैकवे र गद्वागाँजद्वा बरद्वामद वकयद्वा। प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर मम वकसश्री भश्री पहैकवे र कद्वा वजन अवंवकत नहहीं हहै तथद्वा यह कहद्वा गयद्वा हहै वक सभश्री पहैकवे रयों कको खकोलकर वतरपद्वाल पर ण्डिद्वालकर एक समद्वान वमशर बनद्वायद्वा गयद्वा एववं तवेरह कटयों मम भरकर तनौलद्वा गयद्वा। सभश्री कटयों कद्वा वजन अलग-अलग थद्वा, जको 18.350 वकलकोगद्वाम सवे लवेकर 42.700 वकलकोगद्वाम तक थद्वा। सह-अवभयकक सलश्रीम नवे कहद्वा वक वह हहैदरद्वाबद्वाद सवे गद्वागाँजवे कको लवेकर आववेदक कवे कहनवे कवे अनकसद्वार आधसफ उफर गकलसू कवे वकरद्वायवे कवे मकद्वान मम आ गयद्वा थद्वा। आववेदक व सह-अवभयकक गनश्री वरनद्वा एववं रहैरवेनको गद्वावडयद्वागाँ छकोडकर गयवे थवे तथद्वा ववे थकोडश्री दवेर बद्वाद गद्वावडयद्वागाँ लवे जद्वाकर गद्वागाँजद्वा सप्लद्वाई करतवे। 5. प्रद्वाथरनद्वापत कवे सद्वाथ प्रस्तकत शपथपत मम कहद्वा गयद्वा हहै वक आववेदक वनदर्दोष हहै। 6. प्रद्वाथरनद्वापत कवे सद्वाथ प्रस्तकत शपथपत कवे प्रस्तर -28 मम तश्रीन आपरद्वाधधिक प्रकररयों मम आववेदक कक सवंधलप्ततद्वा दशद्वारयश्री गयश्री हहै , धजनमम सवे दको प्रकररयों मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा करनवे कद्वा आदवेश पद्वाररत हको चककद्वा हहै। 7. रद्वाज्य सरकद्वार कक तरफ सवे प्रस्तकत प्रवत शपथपत कवे सद्वाथ ववधधि ववजद्वान प्रयकोगशद्वालद्वा, अलश्रीगढ़ कक आख्यद्वा वदनद्वावंवकत 22.05.2024 सवंलग्न कक गयश्री हहै, धजसकवे अनकसद्वार 99.6 गद्वाम कद्वा एक नमसूनद्वा वदनद्वावंक 03.5.2024 कको जद्वागाँच हवेतक प्रद्वाप्त हहआ थद्वा तथद्वा जद्वागाँच मम वस्तक गद्वागाँजद्वा पद्वायश्री गयश्री। प्रवत शपथपत मम कक ल तवेरह आपरद्वाधधिक प्रकररयों मम आववेदक कक सवंधलप्ततद्वा दशद्वारयश्री गयश्री हहै। 8. आज प्रस्तकत प्रवत-उत्तर शपथपत मम आववेदक कक तरफ सवे कहद्वा गयद्वा हहै वक अन्य सभश्री 12 आपरद्वाधधिक प्रकररयों मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयवे जद्वानवे कद्वा आदवेश पद्वाररत हको चककद्वा हहै। 9. सह-अवभयकक अब्दकल गनश्री कको जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवंख्यद्वा-22273/2024 मम पद्वाररत आदवेश वदनद्वावंवकत 30.08.2024 कवे दद्वारद्वा जमद्वानत पर ररहद्वा वकयवे जद्वानवे कद्वा आदवेश पद्वाररत वकयद्वा जद्वा चककद्वा हहै। 10. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखतवे हहए , जबवक बरद्वामद पदद्वाथर तश्रीन गद्वावडययों मम 120 पहैकवे रयों मम रखद्वा हहआ थद्वा, वकन्तक सभश्री पहैकवे रयों सवे जद्वागाँच हवेतक दको नमसूनवे लवेनवे कवे बजद्वाय सभश्री सद्वामगश्री कको वमलद्वा वदयद्वा गयद्वा , धजससवे यह स्पष्टि हहै वक जद्वागाँच हवेतक नमसूनद्वा वनयमद्वानकसद्वार नहहीं धलयद्वा गयद्वा ; आववेदक कको मद्वात एक सह-अवभयकक कवे दद्वारद्वा अवभरक्षद्वा मम वदयवे गयवे बयद्वान कवे आधिद्वार पर अवभयकक बनद्वायद्वा गयद्वा हहै तथद्वा उस बयद्वान कवे अवतररक अन्य ककोई भश्री सद्वाक्ष्य प्रवत शपथपत कवे सद्वाथ सवंलग्न नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै तथद्वा समद्वान पररणस्थवत कवे सह - अवभयकक अब्दकल गनश्री कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयवे जद्वानवे कद्वा आदवेश पद्वाररत वकयद्वा जद्वा चककद्वा हहै एववं आववेदक वदनद्वावंक 03.04.2024 सवे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद्ध हहै। न्यद्वायद्वालय कद्वा मत हहै वक आववेदक जमद्वानत पर मकक वकयवे जद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारश्री हहै। 11. तद्नकसद्वार आववेदक कद्वा जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत स्वश्रीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 12. आववेदक नसश्रीम उफर चद्वागाँदश्री कको वनम्नधलधखत शतर्दोवं कवे अधिश्रीन सवंबवंधधित मधजस्रटवेर/न्यद्वायद्वालय कक सवंतकवष्टि कवे अनकसद्वार एक व्यवकगत बवंधिपत और समद्वान रद्वावश कक दको जमद्वानतम प्रस्तकत करनवे पर उपरकोक मद्वामलवे मम जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए: - (i). आववेदक परश्रीक्षर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा वनधिद्वारररत वतधथ पर उपणस्थत रहवेगद्वा। (ii). आववेदक अवभयकोजन सद्वाक्ष्य कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेगद्वा। (iii). आववेदक अवभयकोजन पक्ष कवे गवद्वाहयों पर दबद्वाव नहहीं ण्डिद्वालवेगद्वा। 13. उपरकोक शतर्दोवं मम सवे वकसश्री कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परश्रीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक कक जमद्वानत वनयमद्वानकसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 27.2.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad