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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 76863 (ALL)

SAFINA KHATOON v. STATE OF U.P.

BAIL/25585/2025 · 2025-07-31

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:129217 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25585 of 2025 Applicant :- Safina Khatoon Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Abhishek Kumar Chaubey Counsel for Opposite Party :- Dinesh Kumar Singh,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका शश्री अदभिषवेक कक मकार चचौबवे, पररवकादिश्री कवे दवदकान अधधिवकका शश्री ददिनवेश कक मकार धससिंह एवसिं रकाज्य ककी तरफ सवे दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका कको सकनका तथका पतकावलश्री कका पररशश्रीलन दकयका। 2. वतरमकान दिकाणणण्डिक प्रककीरर जमकानत प्रकाथरनका पत आववेददिकका Safina Khatoon ककी ओर सवे मक०अ०ससिं० 18/2025, असिंतररत धिकारका 191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 351(2), 109(1), 331(6) बश्री.एन.एस., थकानका अनपरका, धजलका सकोनभिद्र मम जमकानत पर मकक करनवे हवेतक प्रस्तकत दकयका रयका हहै। 3. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका नवे तकर प्रस्तकत दकयका दक आववेददिकका कको इस प्रकरर मम रलत एवसिं फजर्जी ढसिंर सवे झझूठका फसिं सकायका रयका हहै , उसनवे कधथत अपरकाधि ककाररत नहहीं दकयका हहै। आववेददिकका दकारका ऐसका ककोई भिश्री कक त्य ककाररत नहहीं दकयका रयका हहै, जहैसकादक प्रकाथदमककी मम दिदशरत दकयका रयका हहै। आववेददिकका सझूचनकाकतकार ककी बवेटश्री हहै तथका दिकोननों कवे बश्रीच जमश्रीन कवे दववकादि कको लवेकर धसदवल प्रकक दत कका वकादि लणमबत हहै, धजसककी वजह सवे आववेददिकका कको वतरमकान वकादि मम आरकोपश्री बनका ददियका रयका हहै। आववेददिकका दकारका सझूचनकाकतकार कवे सकाथ दकसश्री प्रककार ककी मकारपश्रीट अथवका रकालश्री-रलचौज नहहीं ककी रयश्री हहै। सझूचनकाकतकार कको आयश्री चकोटनों कवे ससिंबसिंधि मम दचदकत्सश्रीय आख्यका पतकावलश्री पर ससिंलग्न हहै, धजसकवे अवलकोकन सवे दवददित हकोतका हहै दक सझूचनकाकतकार कको आयश्री चकोटम सकाधिकारर प्रकक दत ककी हह तथका ककोई भिश्री चकोट शरश्रीर कवे ममरस्थल पर नहहीं हहै तथका प्रकारघकातक चकोट नहहीं हहै। आववेददिकका कका ककोई पझूवर आपरकाधधिक इदतहकास नहहीं हहै। पकननः उनकका यह भिश्री कथन हहै दक आववेददिकका ककी तरफ सवे यह आश्वकासन ददियका रयका हहै दक वह ककानझून ककी प्रदक्रियका मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयकार हहै और जब भिश्री आवश्यकतका हकोरश्री वह ईमकानदिकारश्री सवे अदिकालत कवे समक्ष खकदि कको उपलब्धि करकाएरश्री और उन सभिश्री शतरसिं कको स्वश्रीककार करनवे कवे धलए भिश्री तहैयकार हहै जको न्यकायकालय उस पर अधधिरकोदपत करवेरश्री। आववेददिकका दनदिरष हहै तथका वह इस प्रकरर मम ददि० 25.06.2025 सवे ककारकारकार मम दनरुद्ध हहै। इसधलए आववेददिकका कको जमकानत पर छकोड़ ददियका जकाय। 4. पररवकादिश्री कवे दवदकान अधधिवकका एवसिं दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका नवे आववेददिकका कवे जमकानत कका प्रबल दवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तकत दकयका दक आववेददिकका दकारका ककाररत अपरकाधि ससिंसिंजवेय एवसिं रसिंभिश्रीर प्रकक दत कका हहै , इसधलए आववेददिकका कको जमकानत पर न छकोड़का जकाय। 5. उभियपक्ष कवे दवदकान अधधिवकका कवे तकरसिं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतकावलश्री पर उपलब्धि सकारवकान तथ्यनों एवसिं पररणस्थदतयनों कका समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बकादि , सबझूतनों ककी प्रकक दत और दकसश्री भिश्री ठकोस दवरकोधिकात्मक सकामग्रश्री ककी अनकपणस्थदत एवसिं उपलब्धि सकामग्रश्री सवे छवेड़छकाड़ ककी ससिंभिकावनका न हकोनवे कवे तथ्य कको दिवेखतवे हहए मवेरश्री रकाय मम आववेददिकका कको जमकानत पर मकक करनवे कका उपयकक आधिकार हहै। 6. अतनः वकादि कवे रकर -दिकोष पर दबनका ककोई दटप्परश्री दकए हहए आववेददिकका कको उपरकोक वदररत अपरकाधि मम ससिंबसिंधधित न्यकायकालय ककी ससिंतकदष्टि पर व्यदकरत बसिंधि-पत एवसिं अधधिक धिनरकादश कवे ककोई भिश्री दिको प्रदतभिझू प्रस्तकत करनवे पर दनमनधलधखत शतरसिं कवे सकाथ जमकानत पर छकोड़ ददियका जकाय। i. आववेददिकका दवववेचनका यका परश्रीक्षर कवे दिचौरकान अदभियकोजन सकाक्ष्यनों कवे सकाथ छवेड़छकाड़ नहहीं करवेरश्री। ii. आववेददिकका अदभियकोजन सकादक्षयनों व पश्रीदड़तका / दशककायतकतकार कको ण्डिरकायवेरश्री/धिमककायवेरश्री नहहीं। iii. आववेददिकका न्यकायकालय कवे आदिवेशनों कका पकालन करवेरश्री , वह परश्रीक्षर कवे दिचौरकान दबनका ककोई अनकावश्यक स्थरन धलए दनयत दतधथ पर न्यकायकालय मम उपणस्थत हकोरश्री तथका परश्रीक्षर मम ईमकानदिकारश्री सवे सहयकोर करवेरश्री। iv. आववेददिकका जमकानत पर ररहका हकोनवे कवे बकादि जमकानत ककी स्वतसिंततका कका दिकरूपयकोर नहश्री करवेरश्री और दकसश्री भिश्री अपरकाधधिक रदतदवधधि मम धलप्त नहहीं हकोरश्री न ककोई अपरकाधधिक कक त्य करवेरश्री। v. आववेददिकका प्रत्यक्ष यका अप्रत्यक्ष रूप सवे मकामलवे कवे तथ्यनों सवे पररदचत दकसश्री भिश्री व्यदक यका पकधलस अधधिककाररयनों कको ककोई प्रलकोभिन यका धिमककी नहहीं दिवेरश्री न हश्री उनसवे ककोई वकायदिका करवेरश्री, धजसकवे ककारर उन्हम न्यकायकालय मम तथ्यनों कको उजकारर करनवे सवे दवरत रहनका पण्डिवेडे़। 7. उपरकोक शतरसिं मम सवे दकसश्री कवे उलसिंघन कवे मकामलवे मम , परश्रीक्षर न्यकायकालय आववेददिकका ककी जमकानत दनयमकानकसकार रद्द करनवे कको स्वतसिंत हहै। Order Date :- 1.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad