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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 75778 (ALL)
AMIT GOSWAMI v. State of UP AND ANOTHER
ABAIL/6856/2024 · 2025-07-08
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 75778 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:109173 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 6856 of 2024 Applicant :- Amit Goswami Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Sunit Kumar,Yatish Kumar Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक अगमर गगोस्वमाममी ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 02 सनन् 2024, अन्रगरर धमारमा 509 भमा०दसं०गव० एवसं धमारमा 67 ए आई.एक्ट, रमानमा समाइबर कमाइम, जजलमा जमाललौन मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉग कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा गयमा हहै गक गगरफ्रमारमी ककी णस्रगर मम आववेदक कगो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कगो समुनमा ररमा पतमावलमी कमा पररशमीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरगोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंग व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा गयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरगोक वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कगोई गवश्वसनमीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भमी करन हहै गक आववेदक कमा कगोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभमी रक कगोई भमी बमाध्यकमारमी प्रगकयमा नहहीं अपनमाई गयमी हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे दलौरमान सहयगोग करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसमी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेगमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगकयमा मम सहयगोग करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भमी आवश्यकरमा हगोगमी वह ईममानदमारमी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कगो उपलब्ध करमाएगमा और उन सभमी शरर्दोसं कगो स्वमीकमार करनवे कवे जलए भमी रहैयमार हहै जगो
न्यमायमालय उस पर अजधरगोगपर करवेगमी।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरगोध मम यह रकर प्रस्रमुर गकयमा गयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध गसंभमीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणस्रगरययों कगो दृगष्टिगर रखरवे हहयवे अगभयमुक कगो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक कगो अगग्रिम जममानर पर न छगोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननमीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा गयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कगो आरगोपयों ककी प्रकक गर और गसंभमीररमा, आरगोपमी ककी न्यमागयक प्रगकयमा सवे भमागनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कगो आरगोपमी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभमी समामग्रिमी कमा समावधमानमी सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरगोपमी ककी वमास्रगवक भनूगमकमा पर भमी गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकर्दोसं एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधमी गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमासंरयों कगो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों, आरगोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभमी रथ्ययों एवसं पररणस्रगरययों कगो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे गमुर -दगोष पर गबनमा कगोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा स्वमीकमार गकए जमानवे यगोग्य हहै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत स्वमीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरगोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गगरफ्रमारमी ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारमी ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकगर बसंध पत एवसं उसमी धनरमागश कवे दगो प्रगरभनू प्रस्रमुर करनवे पर, सत परमीक्षिर कवे गनस्रमारर रक गनमन शरर्दो कवे अधमीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएगमा :-
1- आववेदक, यगद आवश्यक हगोगमा रगो गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्षि अपवेगक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेगमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसमी व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररययों कगो प्रत्यक्षि यमा परगोक्षि रूप सवे कगोई धमककी , वमादमा यमा प्रलगोभन नहहीं दवेगमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कगो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसमी पमुजलस अजधकमारमी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवचमारर कवे दलौरमान सहयगोग करवेगमा और जममानर ककी स्वरसंतरमा कमा दमुरूपयगोग नहहीं करवेगमा। उपरगोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णस्रगर मम गवववेचनमाजधकमारमी /अगभयगोजन पक्षि कगो, आववेदक कगो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरस्रमीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रस्रमुर करनवे ककी स्वरसंतरमा हगोगमा।
8.
रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरगोक गटप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनस्रमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 9.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad