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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 75635 (ALL)

AADITYA KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/24547/2025 · 2025-09-08

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 24547 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक आिदत्य कु मार की ओर से मु०अ०स० 567/2024, अन्तगर्त धारा 191(2)/ 191(3)/ 125/ 352/ 351(2)/ 351(3)/ 115(2)/ 117(2)/ 109 बी.एन.एस. थाना गोवरधन, िजला मथुरा में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. यह आवेदक का िद्वतीय जमानत आवेदन पत्र है, प्रथम जमानत आवेदन पत्र बल न देने कारण एवं वापस लेने के कारण िदनांक 21.04.2025 को िनरस्त कर िदया गया था। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने पूरकशपथ पत्र दािखल िकया उसे पत्रावली पर रखा जाए। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। उन्होंने आगे प्रथम सूचना िरपोटर् की ओर ध्यान आकृ ष्ट करते हुए कथन िकया िक िदनांक 01.11.2024 को समय करीब 7 बजे वादी मुकदमा हरिवलास का लड़का अजय उम्र करीब 13 वषर् घर के बाहर पटाखा चला रहा था, उसके हाथ में पटाखे की थैली लगी थी, पड़ौस का आिदत्य उसके पास आया और पटाखे की थैली छु ड़ाकर ले गया, अभद्रता से गालीगलौज करने लगा। वादी अपने घर आ गया तो समय करीब 8 बजे शाम हिरश्चन्द, मानवेन्द्र, राजेश, कोमल, चमन, आिदत्य तथा इनके अन्य पिरवारीजन हाथों में डंडा, लोहे की सिरया तथा पटाखा चलाने की सिरया लेकर ईंट-पत्थर बरसाते हुए घर के अंदर घुस आए तथा बादी आिद घरवालों को डंडा- सिरया आिद से एकराय होकर हमलावर हुए। आिदत्य ने जान से मारने की नीयत से वादी के Versus Counsel for Applicant(s) : Himanshu Kashyap, Rohit Shukla Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Vinay Kumar Tripathi Aaditya Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) पुत्र अजय पर पटाखा चलाने की सिरया से वार िकया, िजससे उसके िसर आिद पर प्राणघातक चोटें आई थीं, वह बेहोश होकर िगर पड़ा। मौके पर गाँव के पूवर् प्रधान िगरार्ज, िवष्णु आिद बहुत से लोग आ गए, िजन्होंने बचाया। जाते वक्त ये लोग भिवष्य में जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। घटना में अजय, वादी, वादी की माँ िबसाना देवी, िपता सोरन िसह, श्याम िसह व दूसरे लड़के अरिवन्द के चोटें आई। 6. उक्त लडाई में 5-6 व्यिक्तयों को लगभग 14 चोट आने की बात कही गयी है, िजनमें अजय, वादी, वादी की मां िबसाना देवी, िपता सोरन िसह, श्याम िसह व दूसरे लड़के अरिवन्द के चोटें आयी। जबिक तथाकिथत घटना िदनांक 01.11.2024 की है, जबिक चुटैल सोरन िसह की मृत्यु प्रमाण पत्र के अवलोकन से उसकी मृत्यु िदनांक 28.04.2021 को हो गयी थी। इस प्रकार यह प्रतीत होता है िक उक्त घटना पूणर्तः मनगढ़़़़ंत है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 25.11.2024 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 8. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 9. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. BAIL No. 24547 of 2025 2 आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 9, 2025 S.Mishra BAIL No. 24547 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad